MP भाजपा में होगा बड़ा फेरबदल: मंत्री की दौड़ में शामिल नेता बन रहे मंडल अध्यक्ष-उपाध्यक्ष! नियुक्तियों की सूची तैयार!
By Ashish Meena
मार्च 18, 2026
मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों निगम-मंडल और आयोगों में होने वाली नियुक्तियों को लेकर हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार कर रहे कई नेताओं के लिए अब मौका आने वाला माना जा रहा है। खबरें हैं कि सरकार ने निगम-मंडल और विभिन्न प्राधिकरणों में नियुक्तियों की सूची लगभग तैयार कर ली है और जल्द ही इस पर अंतिम मुहर लग सकती है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बार उन नेताओं को भी मौका दिया जा सकता है जो कभी मंत्री पद की दौड़ में शामिल थे, लेकिन किसी कारण से उन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल पाई। ऐसे नेताओं को निगम-मंडल, आयोग या प्राधिकरणों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष जैसे अहम पद दिए जा सकते हैं।
Read More: Rain Alert: MP में बारिश का अलर्ट, अगले 4 दिन बदला रहेगा मौसम, इन जिलों के लिए जारी हुई चेतावनी
MP निगम मंडल नियुक्तियां: क्यों बढ़ी राजनीतिक हलचल
मध्य प्रदेश में निगम-मंडल और आयोगों में नियुक्तियां हमेशा से राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जाती रही हैं। इन पदों के जरिए सरकार संगठन और पार्टी के नेताओं को जिम्मेदारी देती है।
सूत्रों के मुताबिक प्रदेश सरकार ने निगम-मंडल, आयोग और विभिन्न प्राधिकरणों में नियुक्तियों की सूची तैयार कर ली है। इस सूची को लेकर कई दौर की बैठकें भी हो चुकी हैं। प्रदेश स्तर पर मंथन के बाद सूची को दिल्ली हाईकमान के पास भेजा गया था और बताया जा रहा है कि उसे मंजूरी भी मिल चुकी है।
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि अगले तीन से चार महीनों के भीतर सत्ता और संगठन दोनों स्तर पर ताबड़तोड़ नियुक्तियां देखने को मिल सकती हैं। इससे लंबे समय से इंतजार कर रहे नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
पूर्व मंत्रियों और बड़े नेताओं के नाम चर्चा में
निगम-मंडल में होने वाली नियुक्तियों को लेकर कई बड़े नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इनमें ऐसे नेता भी शामिल हैं जो पहले मंत्री रह चुके हैं या मंत्री पद के दावेदार माने जाते थे। राजनीतिक चर्चाओं में जिन नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं उनमें पूर्व मंत्री लालसिंह आर्य, पूर्व कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त विनोद गोटिया, पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, कांग्रेस से बीजेपी में आए पूर्व मंत्री रामनिवास रावत, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, पूर्व मंत्री कमल पटेल और पूर्व मंत्री रामपाल सिंह शामिल बताए जा रहे हैं।
इसके अलावा पूर्व मंत्री इमरती देवी, अंचल सोनकर, संजय शुक्ला, अलकेश आर्य और कलसिंह भाबर जैसे नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। हालांकि अभी तक किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इन नामों को लेकर लगातार चर्चा हो रही है।
विधायकों को भी मिल सकता है मौका
इस बार निगम-मंडल की नियुक्तियों में केवल पूर्व मंत्रियों को ही नहीं बल्कि कुछ विधायकों को भी मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार विधायक अजय बिश्नोई, अर्चना चिटनीस, शैलेंद्र जैन और प्रदीप लारिया जैसे नेताओं के नाम भी रेस में बताए जा रहे हैं। इसके अलावा पूर्व विधायक ध्रुव नारायण सिंह, अभिलाष पांडे और आशीष शर्मा के नाम भी चर्चा में हैं।
पार्टी के अंदर यह माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों के जरिए संगठन में संतुलन बनाने की कोशिश की जाएगी। इससे पार्टी के अलग-अलग क्षेत्रों और वर्गों के नेताओं को प्रतिनिधित्व मिल सकेगा।
निगम मंडल के बाद मंत्रिमंडल फेरबदल की भी चर्चा
निगम-मंडल नियुक्तियों की चर्चा के साथ-साथ मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल की भी अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि मंत्रिमंडल विस्तार होता है तो कुछ नए चेहरों को मौका मिल सकता है और कुछ पुराने चेहरों में बदलाव भी संभव है।
सूत्रों के अनुसार यदि मंत्रिमंडल में बदलाव होता है तो चार से पांच चेहरों को बदला जा सकता है। इसमें कुछ पूर्व मंत्रियों की वापसी और कुछ नए विधायकों को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं।
बीजेपी संगठन में भी हो सकते हैं बड़े बदलाव
सिर्फ सरकार ही नहीं बल्कि संगठन में भी बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की टीम में मध्य प्रदेश के नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है।
सूत्रों के अनुसार पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। इसके अलावा राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार, पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य और गजेंद्र पटेल जैसे नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। यदि ऐसा होता है तो मध्य प्रदेश के कई नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर भी अहम भूमिका मिल सकती है।
निगम-मंडल नियुक्तियां क्यों होती हैं अहम
राजनीति में निगम-मंडल और आयोगों में नियुक्तियां केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं होतीं, बल्कि इनका राजनीतिक महत्व भी काफी बड़ा होता है। इन पदों के जरिए सरकार पार्टी के अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी देती है और संगठन में संतुलन बनाए रखती है।
कई बार ऐसे नेताओं को भी इन पदों के जरिए मौका दिया जाता है जो चुनाव जीतकर विधानसभा या लोकसभा नहीं पहुंच पाए, लेकिन पार्टी में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही होती है। इसके अलावा इन पदों के माध्यम से सरकार अपने विकास कार्यों और योजनाओं को भी तेजी से लागू करने की कोशिश करती है।
