मध्यप्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, 7 फरवरी से शुरू होगा गेहूं का पंजीयन, इस बार कितना बढ़ा समर्थन मूल्य?

By Ashish Meena
जनवरी 26, 2026

किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी : मध्यप्रदेश के लाखों अन्नदाताओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने रबी सीजन 2026-27 के लिए गेहूं उपार्जन (Wheat Procurement) की घोषणा कर दी है। इस बार किसानों को न केवल बढ़ा हुआ न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) मिलेगा, बल्कि सरकार ने प्रोत्साहन राशि (Bonus) देने का भी ऐलान किया है।

इस बार कितनी बढ़ी MSP?

केंद्र सरकार ने इस साल गेहूं के समर्थन मूल्य में ₹160 की बढ़ोतरी की है, जिससे अब यह ₹2585 प्रति क्विंटल हो गया है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के हित में ₹15 प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि (Bonus) देने की घोषणा की है। इस तरह किसानों को कुल ₹2600 प्रति क्विंटल का भुगतान किया जाएगा। नोट: पिछले वर्ष प्रोत्साहन राशि ₹175 थी, जिसे इस बार संशोधित कर कुल भुगतान ₹2600 सुनिश्चित किया गया है।

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पंजीयन की महत्वपूर्ण तिथियां

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार, पंजीयन की समयसीमा इस प्रकार है।
पंजीयन प्रारंभ: 7 फरवरी 2026
पंजीयन की अंतिम तिथि: 7 मार्च 2026

कहां और कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन?

मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में 3,186 पंजीयन केंद्र बनाए हैं।

निशुल्क पंजीयन: ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत कार्यालय, तहसील कार्यालय, सहकारी समितियां और विपणन संस्थाओं के केंद्रों पर पंजीकरण पूरी तरह फ्री है।

सशुल्क पंजीयन: एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), लोक सेवा केंद्र या निजी साइबर कैफे पर भी पंजीयन कराया जा सकता है। इसके लिए कलेक्टर द्वारा निर्धारित अधिकतम शुल्क ₹50 प्रति पंजीयन तय किया गया है।

इन दस्तावेजों के बिना नहीं होगा पंजीयन

किसानों को पंजीयन के समय निम्नलिखित दस्तावेज साथ रखने होंगे।
भूमि संबंधी दस्तावेज: खसरा/खतौनी की नकल।
आधार कार्ड: जो बैंक खाते से लिंक हो।
पहचान पत्र: मतदाता पहचान पत्र या अन्य फोटो आईडी।
बैंक विवरण: बैंक पासबुक की छायाप्रति (IFSC कोड के साथ)।

सिकमी और बटाईदार किसानों के लिए नियम

सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों के लिए विशेष प्रावधान है। ऐसे किसान केवल सहकारी समिति या सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित केंद्रों पर ही अपना पंजीयन करा सकेंगे।

सीधे बैंक खाते में आएगा पैसा

सरकार ने स्पष्ट किया है कि भुगतान आधार लिंक बैंक खाते (DBT) में ही किया जाएगा। यदि आधार लिंक खाते में समस्या आती है, तभी पंजीयन के समय दिए गए दूसरे खाते का उपयोग होगा।

सावधानी: संयुक्त खाते (Joint Accounts), अक्रियाशील खाते (Inactive Accounts) या डिजिटल/पेमेंट बैंक खाते (जैसे Airtel/Paytm Payment Bank) मान्य नहीं होंगे।

मध्यप्रदेश सरकार का यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और उपज का सही दाम दिलाने की दिशा में बड़ा प्रयास है। 7 मार्च के बाद पोर्टल बंद हो जाएगा, इसलिए किसान भाई समय रहते अपने नजदीकी केंद्र पर जाकर पंजीयन सुनिश्चित करें।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।