केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी! बढ़ सकता है महंगाई भत्ता, जल्द कैबिनेट में आ सकता है प्रस्ताव
By Ashish Meena
मार्च 12, 2026
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए जल्द बड़ी खुशखबरी आ सकती है। लंबे समय से महंगाई भत्ता बढ़ने का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को केंद्र सरकार राहत दे सकती है। चर्चा है कि सरकार जल्द ही महंगाई भत्ता यानी डीए में बढ़ोतरी का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रख सकती है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है तो लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार चैत्र नवरात्रि या रामनवमी के आसपास डीए और डीआर में संशोधन का ऐलान कर सकती है। इससे लगभग 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 68 लाख पेंशनभोगियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। फिलहाल सभी की नजर सरकार की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई है।
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महंगाई भत्ता 60% होने की संभावना
इस समय केंद्रीय कर्मचारियों को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जो जुलाई 2025 से लागू है। लेकिन अब जनवरी 2026 से इसमें बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। श्रम ब्यूरो द्वारा जारी अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि महंगाई भत्ता करीब 2 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।
दिसंबर 2025 तक जारी आंकड़ों के अनुसार सूचकांक 148.2 अंक पर पहुंच गया था। पिछले 12 महीनों के औसत आंकड़ों के आधार पर सातवें वेतन आयोग के फॉर्मूले से गणना करने पर महंगाई भत्ते का स्कोर लगभग 60.35 प्रतिशत बनता है। चूंकि डीए दशमलव में लागू नहीं किया जाता, इसलिए इसे 60 प्रतिशत माना जा सकता है।
कैबिनेट बैठक में जल्द आ सकता है प्रस्ताव
सूत्रों के मुताबिक महंगाई भत्ता बढ़ाने का प्रस्ताव मार्च में होने वाली कैबिनेट बैठक में रखा जा सकता है। संभावना जताई जा रही है कि 18 मार्च या 25 मार्च 2026 को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस पर फैसला लिया जा सकता है।
अगर सरकार नई दरों को मंजूरी देती है तो यह जनवरी 2026 से प्रभावी होंगी। ऐसे में कर्मचारियों को जनवरी और फरवरी का एरियर भी मिल सकता है। उम्मीद की जा रही है कि यह एरियर मार्च या अप्रैल की सैलरी के साथ कर्मचारियों के खाते में आ सकता है।
सैलरी में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है
अगर महंगाई भत्ता 2 प्रतिशत बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाता है तो कर्मचारियों की सैलरी में अलग-अलग लेवल के हिसाब से बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। बेसिक सैलरी के आधार पर हर कर्मचारी की बढ़ोतरी अलग हो सकती है।
यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 20,000 रुपये है तो 58 प्रतिशत डीए के हिसाब से उसकी कुल सैलरी लगभग 31,600 रुपये होती है। लेकिन डीए 60 प्रतिशत होने पर यह बढ़कर करीब 32,000 रुपये हो सकती है। यानी हर महीने लगभग 400 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है।
इसी तरह 40,000 रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी की सैलरी में लगभग 800 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं 50,000 रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों को करीब 1,000 रुपये अधिक मिल सकते हैं।
60,000 रुपये बेसिक सैलरी वालों की सैलरी में लगभग 1,200 रुपये और 80,000 रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों की सैलरी में लगभग 1,600 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं 1 लाख रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों को करीब 2,000 रुपये प्रति माह का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।
साल में दो बार बढ़ता है महंगाई भत्ता
केंद्र सरकार हर साल दो बार महंगाई भत्ते में संशोधन करती है। पहली बार यह जनवरी से लागू होता है और दूसरी बार जुलाई से लागू किया जाता है। महंगाई भत्ते की दरें श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा जारी अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आधार पर तय की जाती हैं। यह सूचकांक कर्मचारियों के जीवन यापन की लागत और महंगाई के स्तर को दर्शाता है। सरकार इन आंकड़ों के आधार पर महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी या संशोधन करती है ताकि कर्मचारियों की आय महंगाई के असर से संतुलित रह सके।
महंगाई भत्ता क्या होता है और कैसे तय होता है
महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दिया जाने वाला एक अतिरिक्त भुगतान है। इसका उद्देश्य बढ़ती महंगाई के असर को कम करना होता है। जब बाजार में महंगाई बढ़ती है तो लोगों के खर्च भी बढ़ जाते हैं। ऐसे में सरकार कर्मचारियों को अतिरिक्त राशि देती है ताकि उनकी क्रय शक्ति बनी रहे।
सातवें वेतन आयोग के अनुसार महंगाई भत्ते की गणना एक तय फॉर्मूले के आधार पर की जाती है। यह फॉर्मूला उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के 12 महीनों के औसत पर आधारित होता है।
