खातेगांव क्षेत्र के किसानों के लिए खुशखबरी, विधायक आशीष शर्मा ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, चिया की फसल के लिए की ये मांग
By Ashish Meena
मार्च 13, 2026
मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। क्षेत्र के विधायक आशीष गोविंद शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर चिया सीड को कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 के अंतर्गत अधिसूचित कृषि उपज में शामिल करने की मांग की है। यदि यह मांग पूरी होती है तो क्षेत्र के हजारों किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है।
दरअसल खातेगांव और कन्नौद क्षेत्र में इस साल चिया सीड की खेती बड़े पैमाने पर की गई है। लगभग 6000 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर किसानों ने यह फसल उगाई है। लेकिन मंडी में इसकी नीलामी की व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए काफी दूर जाना पड़ रहा है। इसी समस्या को देखते हुए विधायक आशीष शर्मा ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग की है।
खातेगांव क्षेत्र में बढ़ी चिया सीड की खेती
देवास जिले के खातेगांव और कन्नौद क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों से चिया सीड की खेती तेजी से बढ़ी है। चिया सीड एक ऐसी फसल है जिसकी बाजार में अच्छी मांग रहती है और किसानों को इसका बेहतर दाम भी मिल सकता है।
इस साल रबी सीजन में क्षेत्र के किसानों ने बड़े पैमाने पर चिया सीड की खेती की है। जानकारी के अनुसार लगभग 6000 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पर चिया सीड की फसल लगाई गई है और अब इसकी कटाई भी शुरू हो चुकी है। किसानों को उम्मीद है कि यदि मंडियों में इसकी नीलामी की सुविधा मिल जाए तो उन्हें अपनी फसल का अच्छा मूल्य मिल सकता है।
मंडी में अधिसूचना नहीं होने से किसानों को परेशानी
विधायक आशीष शर्मा ने अपने पत्र में बताया कि वर्तमान में चिया सीड कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 के अंतर्गत अधिसूचित कृषि उपज में शामिल नहीं है।
इस कारण खातेगांव और कन्नौद मंडी में चिया सीड की नीलामी नहीं हो पाती है। परिणामस्वरूप किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए करीब 300 किलोमीटर दूर नीमच मंडी जाना पड़ता है।
इतनी लंबी दूरी तय करने में किसानों को परिवहन खर्च के साथ-साथ समय की भी काफी हानि होती है। कई बार छोटे किसान इतनी दूर जाकर अपनी उपज बेचने में असमर्थ रहते हैं, जिससे उन्हें उचित मूल्य भी नहीं मिल पाता।
मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र
इन समस्याओं को देखते हुए विधायक आशीष गोविंद शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर चिया सीड को अधिसूचित कृषि उपज घोषित करने की मांग की है।
पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि चिया सीड को मंडी अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित कर दिया जाता है तो खातेगांव और कन्नौद मंडी में इसकी नीलामी संभव हो सकेगी। इससे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र की मंडी में उचित मूल्य मिल सकेगा।
ई-मंडी प्रणाली से भी मिलेगा फायदा
विधायक ने अपने पत्र में यह भी बताया कि यदि चिया सीड को अधिसूचित कर दिया जाता है तो इसे ई-मंडी और ई-अनुज्ञा प्रणाली के माध्यम से भी खरीदा और बेचा जा सकेगा।
ई-मंडी व्यवस्था के जरिए किसानों को पारदर्शी तरीके से अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा। इससे व्यापारियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और किसानों को बेहतर दाम मिलने की संभावना भी बढ़ जाएगी।
सरकार द्वारा शुरू की गई डिजिटल मंडी प्रणाली का लाभ तभी पूरी तरह मिल सकता है जब अधिक से अधिक कृषि उत्पादों को मंडी अधिनियम के अंतर्गत शामिल किया जाए।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला
यदि चिया सीड को अधिसूचित कृषि उपज घोषित किया जाता है तो इसका सबसे बड़ा लाभ किसानों को मिलेगा। पहला फायदा यह होगा कि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इससे उनका समय और परिवहन खर्च दोनों बचेंगे। दूसरा बड़ा फायदा यह होगा कि स्थानीय मंडियों में प्रतिस्पर्धी बोली लगने से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। इसके अलावा मंडी में नीलामी होने से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और किसानों को व्यापारियों की मनमानी से भी राहत मिलेगी।
क्षेत्र के हजारों किसानों को मिल सकती है राहत
खातेगांव और कन्नौद क्षेत्र में हजारों किसान चिया सीड की खेती कर रहे हैं। ऐसे में यदि सरकार इस मांग को स्वीकार कर लेती है तो यह निर्णय क्षेत्र के किसानों के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकता है। किसानों को अपनी फसल बेचने में आसानी होगी और उन्हें अपनी मेहनत का उचित मूल्य भी मिल सकेगा। विधायक आशीष शर्मा ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।
