MP Rain Alert: भोपाल-भिंड-छतरपुर में बारिश, ग्वालियर में गिरे ओले, आज इन 20 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, बर्फ की चादर में ढके खेत, फसल हुई बर्बाद
By Ashish Meena
फ़रवरी 3, 2026
MP Rain Alert: मध्य प्रदेश में एक बार फिर कुदरत का मिजाज बिगड़ गया है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से प्रदेश के बड़े हिस्से में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) का दौर जारी है। मंगलवार सुबह राजधानी भोपाल, छतरपुर और भिंड में तेज बौछारें पड़ीं, जबकि ग्वालियर संभाग में भारी ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
बर्फ की चादर में ढके खेत
ग्वालियर के पास स्थित आंतरी और सिकरोदा गांवों में सुबह तड़के 4 से 5 बजे के बीच करीब 25 मिनट तक झमाझम ओले गिरे। आलम यह था कि खेत बर्फ से सफेद हो गए, मानो कश्मीर की कोई वादी हो। स्थानीय किसान हरि सिंह राजपूत के अनुसार, इस ओलावृष्टि से सरसों, गेहूं और चने की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
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विजिबिलिटी 30 मीटर तक गिरी
उज्जैन, इंदौर और मुरैना के अंबाह क्षेत्र में घने कोहरे (Dense Fog) ने रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। विजिबिलिटी गिरकर महज 30 से 50 मीटर रह गई है, जिससे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। रायसेन में कड़ाके की ठंड (MP Rain Alert) के कारण ओस की बूंदें जम गईं, जो जमा देने वाली सर्दी का संकेत है।
आज इन 20 जिलों में बारिश और ओले का अलर्ट (MP Rain Alert)
मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार को प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। निम्नलिखित जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।
ग्वालियर-चंबल संभाग: भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर।
सागर-रीवा संभाग: सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा।
अन्य जिले: राजगढ़, विदिशा, आगर-मालवा।

अगले 3 दिनों का मौसम पूर्वानुमान (4-6 फरवरी)
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद भी ठंड से राहत नहीं मिलेगी। आने वाले 3 दिनों तक प्रदेश में घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है।
4 फरवरी- शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में मध्यम कोहरा रहेगा।
5 फरवरी- राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कोहरे का असर देखने को मिलेगा।
6 फरवरी- गुना, अशोकनगर, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कोहरा रहेगा।
छतरपुर में बदला मौसम, कड़ाके की ठंड के बीच बारिश
छतरपुर में मौसम (MP Rain Alert) ने अचानक करवट ले ली है। कड़ाके की ठंड के बीच लवकुशनगर में सुबह से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिससे तापमान में और गिरावट दर्ज की गई है। ठंडी हवाओं और लगातार नमी के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। लोग घरों में हैं। सड़कों पर आवाजाही भी कम नजर आ रही है।
दमोह में कड़ाके की ठंड, अलाव का सहारा ले रहे लोग
दमोह में आसमान में बादल छाए हुए हैं। इलाके में ठंडी हवा चल रही है, जिससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
ग्वालियर में गिरे ओले, खेत बर्फ से ढक गए, फसल बर्बाद
ग्वालियर से 35-40 किलोमीटर दूर आंतरी और सिकरोदा गांव में सुबह 4 से 5 बजे के बीच ओले गिरे हैं। इन गांवों में करीब 25 मिनट तक ओले गिरे, जिससे खेत बर्फ से ढक गए। सिकरोदा गांव के रहने वाले किसान हरि सिंह राजपूत ने बताया कि ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है।
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पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) क्या है?
यह एक गैर-मानसूनी वर्षा प्रणाली है जो भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) से उत्पन्न होती है। जब यह नमी भरी हवाएं उत्तर भारत के पहाड़ों से टकराती हैं, तो मध्य प्रदेश जैसे मैदानी राज्यों में अचानक बारिश, ओले और कड़ाके की ठंड (मावठा) का कारण बनती हैं।
मध्य प्रदेश में मौसम के इस बदले मिजाज ने जहाँ आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। प्रशासन को ओलावृष्टि से हुए फसल नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे खराब मौसम के दौरान यात्रा से बचें और कोहरे में सावधानी से वाहन चलाएं।
