Virat Kohli : विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। कोहली ने सोमवार को इंस्टाग्राम लिखा- टेस्ट क्रिकेट ने मेरी परीक्षा ली, मुझे आकार दिया, वो पाठ सिखाए जो जिंदगीभर मुझे याद रहेंगे।
विराट कोहली ने 10 मई को BCCI से कहा था कि मैं टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेना चाहता हूं। BCCI ने कोहली को अपने फैसले पर फिर विचार करने को कहा था। 11 मई को बोर्ड के एक अधिकारी ने उनसे बात की की थी।
विराट कोहली 123 टेस्ट मैच खेले हैं, उन्होंने 30 शतक और 31 अर्धशतक बनाए। विराट ने 7 दोहरे शतक लगाए। 2017 और 2018 में वे टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर चुने गए।
कोहली ने लिखा- टेस्ट ने मेरी परीक्षा ली, जिंदगी के सबक सिखाए
विराट ने लिखा, ‘टेस्ट क्रिकेट में पहली बार मैंने बैगी ब्लू जर्सी 14 साल पहले पहनी थी। ईमानदारी से कहूं तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह फॉरमेट मुझे इस तरह के सफर पर ले जाएगा। इसने मेरी परीक्षा ली, मुझे पहचान दिया और मुझे ऐसे सबक सिखाए, जिन्हें मैं जीवन भर साथ रखूंगा।
सफेद जर्सी में खेलना मेरे लिए बहुत ही खास और निजी अनुभव है। परिश्रम, लंबे दिन, छोटे-छोटे पल जिन्हें कोई नहीं देखता, लेकिन यह हमेशा आपके साथ रहते हैं।
जब मैं इस फॉरमेट से दूर जा रहा हूं, तो यह आसान नहीं है, लेकिन यह फिलहाल सही लगता है। मैंने इसमें अपना सबकुछ दिया है और इसने मुझे मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा दिया है।
मैं खेल के लिए, मैदान पर खेलने वाले लोगों के लिए और हर उस व्यक्ति के लिए आभारी हूं, जिसने मुझे इस सफर में आगे बढ़ाया। मैं हमेशा अपने टेस्ट करियर को मुस्कुराते हुए देखूंगा।’ उन्होंने आगे अपनी जर्सी का नंबर ‘269’ लिखा और लिखा ‘साइनिंग ऑफ’।
टेस्ट में रोहित और धोनी से बेहतर कप्तान रहे कोहली
रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी भारत को ICC ट्रॉफी दिलाने वाले कप्तान हैं। दूसरी ओर विराट कोहली हैं। वे कभी कप्तान के तौर पर ICC टूर्नामेंट नहीं जीत सके। हालांकि, जब चर्चा टेस्ट क्रिकेट की होती है तो बतौर लीडर वे धोनी और रोहित दोनों से मीलों आगे नजर आते हैं।घर में सभी 11 सीरीज जीतीं धोनी और रोहित दोनों की कप्तानी में भारत को घर में टेस्ट सीरीज में हार झेलनी पड़ी।
रोहित की कप्तानी में तो टीम इंडिया को न्यूजीलैंड से क्लीन स्वीप भी झेलना पड़ा है। कोहली की कप्तानी में ऐसा कभी नहीं हुआ। उन्होंने भारत की जमीन पर 11 टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया की कप्तानी की। भारत ने सभी 11 सीरीज अपने नाम कीं।कोहली ने 2015 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहली बार घरेलू मैदान पर कप्तानी की थी। अश्विन और जडेजा के सपोर्ट और कोहली की अटैकिंग फील्ड स्ट्रैटजी से भारत ने 4 टेस्ट की सीरीज 3-0 से जीती। यहां से कोहली की कप्तानी में टीम ने घर सभी टेस्ट सीरीज जीतीं।
कप्तानी में कोहली ने 7 दोहरे शतक भी लगाए हैं
बैटर विराट कोहली ने वैसे तो हर कप्तान की मौजूदगी में अपना बेस्ट प्रदर्शन दिया, लेकिन जब वह खुद कप्तान बने तो टेस्ट बैटिंग की सारी कमियों को अचीवमेंट्स में बदल दिया। कोहली ने अपनी कप्तानी में रिकॉर्ड 7 दोहरे शतक लगाए।2014 में इंग्लैंड दौरे पर कोहली बैट से कुछ खास नहीं सके, लेकिन 2018 में उन्होंने इसे पलटा और सीरीज के टॉप रन स्कोरर बन गए। ऑस्ट्रेलिया में तो वह हर बार ही रन बनाते हैं, उन्होंने साउथ अफ्रीका में भी सेंचुरी लगाकर बताया कि ICC ने क्यों 2020 में उन्हें दशक का बेस्ट क्रिकेटर चुना था।
कोहली ने टेस्ट करियर में सबसे ज्यादा शतक देश में बनाए हैं
कोहली ने टेस्ट में 30 शतक बनाए हैं। इसमें से सबसे ज्यादा 14 शतक भारत में बनाए हैं। न्यूजीलैंड में उन्होंने केवल एक शतक जड़ा है।