पेट्रोल-डीजल हो सकता है महंगा, बंगाल सहित 5 राज्यों में चुनाव के बाद बढ़ सकते हैं दाम, हर दिन 1,600 करोड़ का नुकसान झेल रहीं तेल कंपनियां

By Ashish Meena
अप्रैल 14, 2026

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 प्रति लीटर तक महंगा हो सकता है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म मैक्वायरी की रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रूड ऑयल महंगा होने के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर हैं। इससे कंपनियों को नुकसान हो रहा है। ऐसे में पश्चिम बंगाल सहित 5 राज्यों में चुनाव खत्म होने के बाद कंपनियां दाम बढ़ा सकती हैं।

हर दिन ₹1,600 करोड़ का नुकसान झेल रहीं कंपनियां

कच्चा तेल महंगा होने से कंपनियों को प्रति लीटर पेट्रोल पर 18 रुपए और डीजल पर 35 रुपए का घाटा हो रहा है। पिछले महीने के पीक पर ये तीनों कंपनियां हर दिन करीब 2,400 करोड़ रुपए का नुकसान झेल रही थीं। एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए की कटौती के बाद यह घाटा घटकर 1,600 करोड़ रुपए रह गया है। हर 10 डॉलर के उछाल से नुकसान करीब 6 रुपए प्रति लीटर बढ़ जाता है।

46 दिनों में कच्चे तेल की कीमत 27 डॉलर बढ़ी

तारीख कच्चे तेल का दाम
27 फरवरी 73 डॉलर प्रति बैरल
19 मार्च 120 डॉलर प्रति बैरल
14 अप्रैल 100 डॉलर प्रति बैरल

भारत 88% कच्चा तेल आयात करता है

भारत अपनी जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल आयात करता है। इसमें से 45% मिडिल ईस्ट और 35% रूस से आता है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें न केवल तेल कंपनियों, बल्कि देश के चालू खाता घाटे (CAD) के लिए भी खतरा हैं। अनुमान है कि 2026 की पहली तिमाही में यह घाटा बढ़कर 20 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

9 साल में एक्साइज ड्यूटी 22% से 8% हुई

सरकारी राजस्व में तेल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी का योगदान लगातार कम हो रहा है। वित्त वर्ष 2017 में यह 22% था, जो अब घटकर सिर्फ 8% रह गया है। अगर सरकार पूरी एक्साइज ड्यूटी हटा भी दे, तो भी मौजूदा कीमतों पर तेल कंपनियों का घाटा पूरी तरह खत्म नहीं होगा।

अमेरिका सहित कई देशों ने बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के दाम

अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमतें अगस्त 2022 के बाद पहली बार 4 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर पहुंच गई हैं। वहीं पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका सहित कई पड़ोसी देशों ने भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा किया है।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।