पति ने प्रेग्नेंट पत्नी और 3 मासूम बेटियों की गला रेतकर की हत्या, बेटे की चाहत में मर्डर की आशंका, शराब पिलाकर किया हमला

By Ashish Meena
फ़रवरी 26, 2026

दिल्ली का प्रेमचंद पार्क इलाका बुधवार सुबह उस वक्त सन्न रह गया, जब एक छोटे से घर के भीतर चार लाशें मिलीं। खून से लथपथ फर्श, बिखरा हुआ सामान और रोते-बिलखते पड़ोसी यह मंजर किसी फिल्म का नहीं, बल्कि हकीकत का था। दो महीने की गर्भवती महिला और उसकी तीन मासूम बेटियों की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी।

जैसे-जैसे जानकारी सामने आई, मामला और भी भयावह होता गया। पुलिस को शक है कि इस दिल्ली प्रेमचंद पार्क हत्याकांड के पीछे आरोपी पति की बेटे की चाहत हो सकती है। घटना के बाद से पति मुंचुन केवट फरार है। पूरे इलाके में डर और गुस्से का माहौल है।

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क्या है पूरा मामला?

यह दर्दनाक घटना दिल्ली के दिल्ली के प्रेमचंद पार्क इलाके की है। बुधवार सुबह करीब 8:07 बजे पुलिस को पीसीआर कॉल मिली। जब पुलिस टीम घर पहुंची तो अंदर का दृश्य बेहद खौफनाक था। 27 साल की अनीता और उसकी तीन बेटियां जिनकी उम्र तीन, चार और पांच साल थी खून से सनी हुई पड़ी थीं। चारों के गले धारदार हथियार से काटे गए थे। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, हमला इतना गहरा था कि उनकी श्वास नली तक कट गई थी। घटनास्थल को देखकर साफ था कि हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई। यह दिल्ली में पत्नी और बेटियों की हत्या का मामला अब राजधानी में चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है।

आरोपी पति फरार, बेटे की चाहत बना शक का आधार

पुलिस ने शुरुआती जांच में आरोपी पति मुंचुन केवट को संदिग्ध माना है। घटना के बाद से वह लापता है। पुलिस टीमें उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, अनीता दो महीने की गर्भवती थी। पुलिस को शक है कि आरोपी के मन में बेटे की चाहत थी और लगातार बेटियां होने से वह नाराज रहता था। हालांकि, पुलिस ने यह भी साफ किया है कि जांच केवल इसी एंगल तक सीमित नहीं है। अवैध संबंध और घरेलू विवाद जैसे अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। यह मामला केवल एक दिल्ली हत्याकांड नहीं, बल्कि समाज में जड़ जमाए बेटे-बेटी के भेदभाव पर भी बड़ा सवाल है।

शराब पिलाकर की गई हत्या? जांच में नए खुलासे

पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने पत्नी और बच्चियों को पहले शराब पिलाई। शवों की स्थिति से अंदाजा लगाया जा रहा है कि वारदात सोची-समझी साजिश के तहत की गई।

मंगलवार रात करीब 9 बजे पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। पड़ोसियों ने हल्की बहस की आवाजें सुनी थीं, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि रात इतनी भयावह हो जाएगी।

घटना के बाद मौके पर क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की टीम पहुंची। सबूत इकट्ठा किए गए हैं और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद हत्या के समय और तरीके को लेकर और साफ तस्वीर सामने आएगी।

परिवार की पृष्ठभूमि और पड़ोसियों की प्रतिक्रिया

रिश्तेदार रूबी ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि केवट और अनीता मूल रूप से पटना के रहने वाले थे। पिछले दो साल से वे दिल्ली में रह रहे थे। आरोपी आजादपुर मंडी में सब्जी बेचता था।

पड़ोसियों के मुताबिक, परिवार साधारण था और अक्सर झगड़े की आवाजें नहीं आती थीं। यही वजह है कि यह प्रेमचंद पार्क हत्याकांड सबके लिए चौंकाने वाला है। इलाके में मातम जैसा माहौल है। लोग कह रहे हैं कि तीन मासूम बच्चियों की क्या गलती थी?

भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है। कई टीमें गठित कर दी गई हैं। रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और संभावित ठिकानों पर नजर रखी जा रही है। यह दिल्ली में चार हत्याओं का मामला अब कानून-व्यवस्था और सामाजिक सोच दोनों पर सवाल खड़े कर रहा है।

बेटे की चाहत और समाज की सोच

भारत में कई जगह आज भी बेटे को वंश चलाने वाला और बेटी को बोझ समझने की सोच मौजूद है। हालांकि कानून और शिक्षा ने काफी बदलाव लाया है, लेकिन ऐसे मामले दिखाते हैं कि मानसिकता में बदलाव अभी अधूरा है। दिल्ली प्रेमचंद पार्क हत्याकांड हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या आज भी कुछ लोग बेटी को स्वीकार नहीं कर पा रहे? क्या समाज में जागरूकता की और जरूरत है? विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू हिंसा के संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पड़ोसियों और रिश्तेदारों को भी सतर्क रहना चाहिए। अगर समय रहते मदद मिल जाए, तो शायद ऐसी घटनाएं रोकी जा सकती हैं।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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