खातेगांव की बैंको में नकदी की कमी, कृषि व्यापार पर पड़ने लगा असर, मंडी में किसानों को अब सिर्फ 25 हजार नकद मिलेंगे, समिति का नया आदेश
By Ashish Meena
मई 26, 2026
देवास जिले की कृषि उपज मंडी खातेगांव से किसानों और व्यापारियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। स्थानीय बैंक शाखाओं में चल रही नकदी (कैश) की भारी किल्लत का सीधा असर अब कृषि व्यापार पर पड़ने लगा है। मंडियों में पर्याप्त कैश न होने के कारण व्यापारियों को किसानों की फसलों का पूरा भुगतान नकद करने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कृषि उपज मंडी समिति खातेगांव ने तुरंत एक्शन लेते हुए आज मंगलवार से भुगतान की एक नई और वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। खातेगांव मंडी व्यापारी एसोसिएशन ने मंडी समिति को एक आधिकारिक आवेदन सौंपकर अपनी असमर्थता जताई थी।
व्यापारियों का कहना था कि खातेगांव की स्थानीय बैंक शाखाओं में पर्याप्त नकदी उपलब्ध नहीं है। जब व्यापारी अपनी जरूरत के मुताबिक राशि निकालने बैंकों में जा रहे हैं, तो उन्हें कुल मांग का बेहद छोटा हिस्सा ही मिल पा रहा है। इस कैश संकट के कारण किसानों से उपज की खरीदी और समय पर भुगतान की पूरी चेन प्रभावित हो रही थी।
नया नियम- ₹25,000 ही मिलेगा कैश
सकंट के इस दौर में किसानों को असुविधा से बचाने और मंडी की कार्यप्रणाली को सुचारू रखने के लिए मंडी समिति ने निम्नलिखित नियम तय किए हैं। आज से मंडी में फसल बेचने वाले किसानों को अधिकतम 25 हजार रुपए ही नकद दिए जाएंगे। 25 हजार से ऊपर की जितनी भी शेष राशि होगी, उसे अगले बैंक कार्य दिवस पर आरटीजीएस (RTGS) या ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए सीधे किसान के बैंक खाते में जमा किया जाएगा।
अस्थायी है यह व्यवस्था, सचिव ने दी जानकारी
मंडी समिति के सचिव ने इस मामले में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन ने स्थानीय बैंक प्रबंधकों से इस संबंध में सीधा संपर्क साधा है। कई बैंकों ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि उनके पास फिलहाल कैश की कमी चल रही है।
“यह वैकल्पिक व्यवस्था पूरी तरह अस्थायी है। जैसे ही स्थानीय बैंकों में नकदी की उपलब्धता सामान्य हो जाएगी, वैसे ही पूर्व की तरह 2 लाख रुपए तक का नकद भुगतान दोबारा बहाल कर दिया जाएगा।” – सचिव, कृषि उपज मंडी समिति खातेगांव
किसानों और व्यापारियों पर क्या होगा असर?
इस नए नियम से मंडी में फसलों की आवक और खरीदी सुचारू रूप से चलती रहेगी, लेकिन जिन छोटे किसानों को अपनी घरेलू और खेती की तात्कालिक जरूरतों (जैसे डीजल, मजदूरी या खाद-बीज) के लिए तुरंत बड़े कैश की आवश्यकता होती है, उन्हें थोड़ी परेशानी उठानी पड़ सकती है। हालांकि, ऑनलाइन बैंकिंग के इस दौर में सीधे खाते में पैसा आना सुरक्षा के लिहाज से एक बेहतर कदम भी है।
