नोएडा के बाद मध्यप्रदेश में भी सैलरी को लेकर बवाल, कर्मचारी हड़ताल पर उतरे, वेतन वृद्धि और आर्थिक शोषण के आरोप

By Ashish Meena
अप्रैल 14, 2026

पीथमपुर। दिल्ली एनसीआर में वेतन वृद्धि और न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर फैक्टरी कर्मियों द्वारा हिंसक प्रदर्शन के बाद अब इसकी आग एमपी तक जा पहुंची। औद्योगिक नगरी पीथमपुर में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर 3 स्थित मदरसन कंपनी की यूनिट 1 के बाहर आज लगभग 500 महिला और पुरुष कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी। आज हड़ताल के दूसरे दिन कर्मचारी कंपनी प्रबंधन पर आर्थिक शोषण और गलत तरीके से कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का आरोप लगा रहे हैं।

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों में से एक रश्मि ने बताया कि कंपनी में काम के घंटे निर्धारित नहीं हैं। आरोप है कि प्रबंधन कर्मचारियों से आठ घंटे से अधिक काम करवाता है, लेकिन उन्हें उचित वेतन नहीं दिया जाता। कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई में कम वेतन पर गुजारा करना मुश्किल हो गया है।

कर्मचारियों के अनुसार, हाल ही में कुछ साथियों को हड़ताल और विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण नौकरी से निकाल दिया गया है। इस कार्रवाई से कर्मचारियों में रोष है। उनका आरोप है कि प्रबंधन उन्हें डराने की कोशिश कर रहा है। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में निकाले गए साथियों की तत्काल बहाली, वेतन वृद्धि और काम के घंटे निर्धारित करना शामिल है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

यह हड़ताल कल पीथमपुर की अन्य औद्योगिक इकाइयों में हुई हड़तालों के बाद हो रही है, जिससे कर्मचारियों की एकजुटता बढ़ी है। कंपनी गेट पर कर्मचारी नारेबाजी कर रहे हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। राधिका कौशल ने बताया कि महिलाओं को मासिक धर्म होता है तो उसके लिए कंपनी प्रबंधन छुट्टी नहीं देता है इसके अलावा कोई मेडिकल इमरजेंसी की सुविधा नहीं है डॉक्टर नहीं है।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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