मध्यप्रदेश में बड़ा हादसा, बरगी डैम में पर्यटकों से भरा क्रूज डूबा, 6 लोगों के शव मिले, 15 से ज्यादा लापता
By Ashish Meena
अप्रैल 30, 2026
मध्यप्रदेश के जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में गुरुवार को पर्यटकों से भरा क्रूज डूब गया। पुलिस के मुताबिक, 6 शव बरामद किए गए हैं। 19 को सुरक्षित बचा लिया गया। 15 से ज्यादा अब भी लापता हैं। हादसा डैम के किनारे से 300 मीटर आगे हुआ।
बरगी सिटी एसपी (CSP) अंजुल मिश्रा ने बताया कि MP टूरिज्म के क्रूज में 40 से 45 लोग सवार थे। अचानक आई आंधी के कारण ये हादसा हुआ। हादसे की सूचना मिलते ही SDRF की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए पहुंची।
अंधेरा होने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में परेशानी आई। हालांकि बड़ी टॉर्च का इस्तेमाल करके लोगों की तलाश की जा रही है। रेस्क्यू के बीच वहां कुछ देर बारिश भी शुरू हो गई थी। एसडीआरएफ ने गैस कटर की मदद से क्रूज को काटकर एक शख्स को बचाया। वह 3 घंटे से अंदर फंसा हुआ था।
डैम में डूबे क्रूज को रस्सियों से बांध दिया गया है। मौके पर मौजूद SDRF की टीम और अन्य लोग मिलकर रस्सी खींचकर क्रूज को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
पायलट का दावा: लाइफ जैकेट पहनने का मौका नहीं मिला’
क्रूज पायलट महेश ने बताया कि वह पिछले 10 साल से क्रूज चला रहा है और पूरी तरह प्रशिक्षित व लाइसेंसधारी है। उनके मुताबिक क्रूज में सभी सुरक्षा इंतजाम और पर्याप्त लाइफ जैकेट मौजूद थे, लेकिन तूफान इतनी तेजी से आया कि यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनने का मौका नहीं मिल सका।
पर्यटन विभाग के अधिकारी बोले- 20 साल पुराना है क्रूज
पर्यटन विभाग के अधिकारी योगेंद्र रिछारिया ने बताया कि बरगी डैम में एक क्रूज संचालित किया जा रहा है। इसका निर्माण 2006 में किया गया था। इसकी क्षमता 60 यात्रियों की है। वहीं दूसरा क्रूज खराब है।
खमरिया के एक परिवार के 15 लोग थे सवार
आयुध निर्माणी खमरिया के A3 सेक्शन में कार्यरत कर्मचारी कामराज आर्य परिवार के 15 लोगों के साथ घूमने गए थे। कामराज के माता-पिता भी साथ में थे, लेकिन वह डैम के किनारे बैठे हुए थे। कामराज के साथ उनकी पत्नी, भाभी और बच्चे क्रूज में घूमने गए हुए थे। कामराज मूलत: कर्नाटक के रहने वाले हैं। कामराज के एक बेटे को बचा लिया गया है। वहीं कामराज, उनकी पत्नी और बेटा अब भी लापता है।
NGT की रोक के बीच उठे सवाल, पर्यावरणविद बोले—सख्ती नहीं होने से संचालन जारी
NGT ने भोपाल के बड़े तालाब (भोज वेटलैंड) और मध्यप्रदेश की नदियों में डीजल क्रूज व मोटर बोट संचालन पर रोक लगा रखी है। यह प्रतिबंध सितंबर 2023 से प्रभावी है। प्रदूषण और जलचरों को खतरे को देखते हुए केवल इलेक्ट्रिक या पर्यावरण अनुकूल बोट संचालन की अनुमति का प्रावधान है।
पर्यावरणविद सुभाष सी. पांडेय ने कहा कि जिन जलस्रोतों का पानी पीने में उपयोग होता है, वहां डीजल क्रूज या बोट संचालन नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सख्ती न होने के कारण सरकारी स्तर पर ही ऐसे संचालन किए जा रहे हैं।
