मध्यप्रदेश के 11 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, भोपाल, इंदौर-उज्जैन में गर्मी पड़ेगी, 10 मई से नया सिस्टम

By Ashish Meena
मई 7, 2026

वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ), चक्रवात और ट्रफ की वजह से मध्य प्रदेश में पिछले 7 दिन से आंधी-बारिश का दौर है। बुधवार को कहीं बारिश तो कहीं आंधी वाला मौसम रहा। गुरुवार को मौसम विभाग ने ग्वालियर समेत 11 जिलों में अलर्ट जारी किया है।

इनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज शामिल हैं। IMD (मौसम केंद्र) के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने से ऐसा मौसम रहेगा।

हालांकि, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत प्रदेश के 44 जिलों में गर्मी का असर भी रहेगा। कई शहरों में दिन का तापमान 43 डिग्री तक पहुंच सकता है। निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, रतलाम, नीमच, मंदसौर में पारे में ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना है।

Also Read – पिता ने लकड़ी काटने वाले कटर से बेटी का गला काटा, शव को कपड़े में लपेटकर जलाया

उथल-पुथल वाला मौसम रहेगा

मौसम विभाग की माने तो अगले 4 दिन तक प्रदेश में उथल-पुथल वाला मौसम रहेगा। अगले 2 दिन तक कुछ जिलों में बारिश और आंधी चलने के आसार है। वहीं, 9 और 10 मई को पूरे प्रदेश में गर्मी पड़ेगी। 10 मई से नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। जिसका असर अगले 2 दिन बाद देखने को मिल सकता है।

छह दिन से बारिश का दौर

प्रदेश में बुधवार को लगातार सातवें दिन भी आंधी-बारिश का दौर बना रहा। धार समेत कई जिलों में असर देखने को मिला। यानी, इस बार मई के शुरुआत छह दिन तक बारिश हुई है। मौसम में बदलाव होने से गर्मी का असर कम हुआ है। प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री से नीचे चल रहा है।

10 मई से नया सिस्टम

मौसम विभाग की माने तो अभी कुछ दिन तक प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर बना रहेगा। वर्तमान में एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) प्रदेश के बीचोंबीच में एक्टिव है तो दूसरा ऊपरी हिस्से में है। एक ट्रफ भी पूर्वी हिस्से से गुजर रही है। इस वजह से मौसम बदला हुआ है।

भोपाल में गर्मी-बारिश का ट्रेंड

भोपाल में मई में मौसम के ट्रेंड की बात करें तो 10 साल में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही दौर रहा है। 2016 में पारा 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका, जो ओवरऑल रिकॉर्ड है। यहां इस महीने बारिश भी होती है। 2014 से 2023 तक हर साल बारिश हुई। 2021 और 2023 में 2 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इस बार भी मई में बारिश का अलर्ट है।

ग्वालियर में 48 डिग्री के पार पहुंच चुका पारा

ग्वालियर में गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। 10 साल में यहां पारा एक बार 47 डिग्री और 3 बार 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 30 मई 1947 को 48.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था। 17 मई 1953 को 24 घंटे में सर्वाधिक 41.9 मिमी, यानी डेढ़ इंच से अधिक बारिश हुई थी। 2023 में भी ढाई इंच पानी गिरा था।

जबलपुर में 3 बार 45 डिग्री पार कर चुका तापमान

जबलपुर की बात करें तो यहां 25 मई 1954 को पारा 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। 10 साल में 3 बार टेम्परेचर 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक भी रहा है। जबलपुर में मई में बारिश का ट्रेंड भी रहता है। 2014 से 2023 में हर साल बारिश हुई है। वर्ष 2021 में पूरे महीने 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। पिछले साल 2 इंच पानी गिरा था।

उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड

उज्जैन में भी इस महीने गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 22 मई 2010 को रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तापमान पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2023 के बीच एक बार पारा 45 डिग्री के पार रह चुका है। हालांकि, पिछले साल पारा 42.4 डिग्री से ज्यादा नहीं गया था। इस महीने पौन इंच के करीब बारिश भी हुई थी।

आगे ये भी पढ़ें :
Ashish Meena

Ashish Meena

ashish-meena

आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।