मध्यप्रदेश में 44% बारिश कम, 45 जिले पिछड़े, मानसून हुआ लेट, किसान सबसे ज्यादा चिंता में, जानें कब होगी एंट्री

By Ashish Meena
जून 20, 2026

इस बार मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून 8 से 10 दिन लेट हो सकता है। IMD (मौसम केंद्र) ने प्रदेश में 25 जून तक मानसून की एंट्री का अनुमान जताया है। इससे पहले प्री-मानसून की एक्टिविटी जारी रहेगी। शनिवार को भोपाल-इंदौर समेत 38 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है।

मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में सामान्यतः 15 जून के आसपास मानसून की एंट्री हो जाती है, लेकिन इस बार 20 जून तक मानसून का कोई संकेत नहीं मिला है। तेलंगाना में 8 जून से ही मानसून ठहरा हुआ है। यदि एक-दो दिन में यह आगे बढ़ता है और इसकी रफ्तार तेज रहती है, तो मध्य प्रदेश में 25 जून के आसपास पहुंच सकता है।

मानसून के लेट होने से जून की सामान्य बारिश का आंकड़ा भी तेजी से घट रहा है। प्रदेश में 44 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें से पूर्वी हिस्से जैसे- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 24 जिलों में 65 प्रतिशत पानी कम गिरा है।

पश्चिमी हिस्से के संभाग- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम में आंकड़ा 27 प्रतिशत कम है। प्रदेश के 55 में से 45 जिलों में बारिश का आंकड़ा माइनस में है। सबसे अच्छी स्थिति में भोपाल है। यहां पर 62 प्रतिशत पानी ज्यादा गिरा है। अब तक ढाई इंच के मुकाबले 4 इंच बारिश हो चुकी है। अलीराजपुर ऐसा जिला है, जहां पर बारिश रिकॉर्ड नहीं की गई है।

मानसून लेट…किसान सबसे ज्यादा चिंता में

मानसून के लेट होने से किसान सबसे ज्यादा चिंता में है। वे खरीफ सीजन की फसल जैसे- सोयाबीन, उड़द, मूंग, तूअर आदि की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। शाजापुर कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एसएस धाकड़ बताते हैं कि बोवनी के लिए कम से कम 4 इंच बारिश जरूरी है। इससे जमीन में पर्याप्त नमी आती है। इतनी बारिश होने के बाद ही किसान बोवनी करें।

बीज खराब होने का खतरा बढ़ा

मानसून के समय पर आने की संभावना के चलते प्रदेश के कई जिलों में किसानों ने सोयाबीन की बोवनी कर दी। उन पर बीज खराब होने का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि पानी के आभाव में बीज खराब हो सकता है। ऐसे में किसानों को दोबारा बोवनी करना पड़ेगी। हालांकि, उन किसानों के लिए राहत है, जिनके पास सिंचाई के लिए पानी है।

राजगढ़-दमोह समेत 5 जिलों में बारिश, दिन का पारा लुढ़का

प्रदेश में शुक्रवार को राजगढ़, दमोह, रीवा, सतना, मैहर समेत कई जिलों में बारिश हुई। इस वजह से दिन के तापमान में गिरावट देखी गई। मौसम विभाग के अनुसार, सिवनी में पारा सबसे कम 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धार में 34.5 डिग्री, पचमढ़ी में 34.8 डिग्री, शिवपुरी में 35.2 डिग्री रहा। खजुराहो में सबसे ज्यादा 42.4 डिग्री रहा। वहीं, दतिया में 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में 35.1 डिग्री, भोपाल में 37.3 डिग्री, उज्जैन में 36 डिग्री, जबलपुर में 38.8 डिग्री और ग्वालियर में 40 डिग्री दर्ज किया गया।

आगर-मालवा, सीहोर में तेज आंधी का अलर्ट

मौसम विभाग ने शनिवार को आगर-मालवा और सीहोर में तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, बुरहानपुर, खंडवा, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा।

वहीं, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार और खरगोन में तेज धूप निकल सकती है।

इन जिलों में कम बारिश

अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, रीवा, पन्ना, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, अलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, बुरहानपुर, दतिया, देवास, धार, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश हुई है। वहीं, भोपाल, आगर-मालवा, अशोकनगर, गुना, मंदसौर, मुरैना, नीमच, सीहोर, शाजापुर और श्योपुर में सामान्य से ज्यादा पानी गिरा है।

15 जून सामान्य तारीख, 2021 में पहले आया था

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मानसून 15 जून तक एंटर हो जाता है। पिछले 10 साल में 2021 में मानसून 9 जून को ही प्रवेश कर गया था। सबसे लेट एंट्री 2018 में 25 जून को हुई थी। पिछले साल 2025 में मानसून 16 जून को ही आ गया था और पूरे प्रदेश में सामान्य से ज्यादा पानी गिरा था।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।