मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर, डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया पहली बार 96.18 पर पहुंचा, कच्चे तेल में 2% की बढ़त, शेयर बाजार में भी बड़ी हलचल

By Ashish Meena
मई 18, 2026

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच आज सोमवार 18 मई को भारतीय रुपए में रिकॉर्ड गिरावट है। डॉलर के मुकाबले रुपया 20 पैसे कमजोर होकर 96.18 पर पहुंच गया। कच्चा तेल भी 2% बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार कारोबार कर रहा है।

मिडिल ईस्ट के तनाव का असर शेयर बाजार पर भी दिख रहा है। सेंसेक्स 1000 अंक (1.34%) गिरकर 74,200 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी भी 300 अंक (1.32%) नीचे है, ये 23,300 के करीब आ गया है। सरकारी बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली है।

सेंसेक्स

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि सेंसेक्स अभी 75,200 से 75,300 के जोन के आसपास है। यह दिखाता है कि लगातार बनी वैश्विक अनिश्चितता और बाजार के उतार-चढ़ाव वाले माहौल के बीच बाजार धीरे-धीरे और संभलकर रिकवरी करने की कोशिश कर रहा है।

बाजार के लिए तुरंत का रेजिस्टेंस 75,600 से 76,000 के दायरे में है, जबकि मजबूत सपोर्ट 74,500 से 74,200 के जोन के आसपास दिख रहा है। बाजार अब किसी भी तरफ एक बड़ा ब्रेकआउट (दायरा तोड़ना) देगा, तभी आगे के लिए बाजार की असली चाल तय होगी।

निफ्टी 50

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने कहा कि अगर बाजार ऊपर की तरफ जाता है, तो इसके लिए इमिडिएट रेजिस्टेंस 24,000 और 24,250 पर रहेगा। वहीं अगर बाजार नीचे गिरता है, तो इसे 23,250 और 23,000 पर सपोर्ट मिल सकता है।

अगर निफ्टी 23,000 का स्तर तोड़ता है, तो बिकवाली का दबाव और ज्यादा बढ़ सकता है। बाजार के मौजूदा हालातों को देखते हुए ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे अनुशासन में रहें और इस उतार-चढ़ाव के बीच सख्त स्टॉप-लॉस स्ट्रैटेजी (नुकसान से बचने का नियम) का पालन करें।

कच्चा तेल एक बार फिर 110 डॉलर के पार पहुंचा

सोमवार, 18 मई को बाजार खुलने के शुरुआती घंटों में क्रूड ऑयल 111 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था। कीमतों में यह तेजी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने ईरान पर शांति समझौते के लिए दबाव बनाया है। फरवरी के आखिरी हफ्ते से शुरू हुए इस युद्ध को अब 12 हफ्ते पूरे हो चुके हैं।

डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान को खुली चेतावनी दी। उन्होंने लिखा कि ईरान के लिए “समय हाथ से निकला जा रहा है।” उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा कि ईरान जल्द से जल्द कदम उठाए, वरना उसका नामोनिशान मिट जाएगा।

दरअसल, पिछले हफ्ते अमेरिका ने ईरान के सामने शांति समझौते का एक प्रस्ताव रखा था, जिसे ईरान ने खारिज कर दिया। दोनों देशों के बीच विवाद की मुख्य वजह ईरान के परमाणु हथियारों की क्षमता है, जिस पर दोनों पक्ष एक राय नहीं हो पा रहे हैं।

डॉलर के मुकाबले रुपया 96 के पार पहुंचा

डॉलर के मुकाबले रुपया आज 20 पैसे कमजोर होकर खुला है। पहली बार ये 96.18 पर पहुंच गया है।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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