अमेरिका का वेनेजुएला में हमला, सबसे खतरनाक गैंग के सरगना को मार गिराया

By Ashish Meena
जून 13, 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के कुख्यात गैंग ट्रेन डी अरागुआ के सरगना हेक्टर रस्टेनफोर्ड गुरेरो फ्लोरेस उर्फ नीनो गुरेरो को मार गिराया है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह जानकारी दी. ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी सेना की दक्षिणी कमानने एक तेज और घातक सैन्य कार्रवाई की, जिसमें नीनो गुरेरो को निशाना बनाया गया. उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन वेनेजुएला सरकार के साथ मिलकर किया गया.

ट्रंप ने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें एक इमारत पर हमला होता और उसमें आग लगती दिखाई दे रही है. हालांकि, इस दावे पर अभी तक व्हाइट हाउस, पेंटागन और अमेरिकी दक्षिणी कमान की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. ट्रंप ने कहा कि ट्रेन डी अरागुआ के आतंकियों के लिए अब वेनेजुएला या दुनिया में कहीं भी सुरक्षित जगह नहीं बची है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ऐसे अपराधियों और ड्रग माफियाओं को दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढ़ निकालेगा.

ट्रेन डी अरागुआ US में आतंकी संगठन

अमेरिका पहले ही ट्रेन डी अरागुआ को एक आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है. नीनो गुरेरो पर न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में कई गंभीर आरोप लगाए गए थे. उस पर आपराधिक साजिश, ड्रग तस्करी, हिंसा, जबरन वसूली और आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देने जैसे आरोप थे. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस गैंग का अपराध नेटवर्क उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और यूरोप तक फैला हुआ था. अमेरिकी विदेश विभाग ने गुरेरो की गिरफ्तारी या उसके बारे में जानकारी देने वाले के लिए 50 लाख डॉलर (लगभग 48 करोड़ रुपए) तक का इनाम भी घोषित किया था.

ट्रेन डी अरागुआ के बारे में

ट्रेन डी अरागुआ वेनेजुएला का सबसे बड़ा और सबसे ताकतवर आपराधिक गिरोह माना जाता है. इसकी शुरुआत अरागुआ राज्य की टोकोरोन जेल से हुई थी. धीरे-धीरे यह जेल गैंग एक अंतरराष्ट्रीय अपराध संगठन बन गया. वेनेजुएला से बड़ी संख्या में लोगों के पलायन के दौरान इस गैंग ने अपने नेटवर्क को दूसरे देशों तक फैलाया. इसके गिरोह कोलंबिया, पेरू और चिली जैसे देशों में भी सक्रिय हो गए. इन पर हत्या, अपहरण, मानव तस्करी, ड्रग तस्करी और उगाही जैसे अपराधों के आरोप हैं.

सितंबर 2023 में वेनेजुएला सरकार ने करीब 11,000 पुलिसकर्मियों और सैनिकों के साथ टोकोरोन जेल पर बड़ा अभियान चलाया था. इस कार्रवाई में गैंग का मुख्य ठिकाना खत्म कर दिया गया, लेकिन इसके कई बड़े नेता भागने में सफल रहे थे. इसके बावजूद गैंग के विदेशी नेटवर्क आज भी सक्रिय बताए जाते हैं. ट्रंप और उनके सहयोगियों का आरोप है कि अमेरिका के कुछ शहरों में बढ़ती हिंसा और अवैध ड्रग कारोबार के पीछे ट्रेन डी अरागुआ का हाथ है.

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।