मध्यप्रदेश के इन 54 गांवों में होगा जमीनों का अधिग्रहण, केन-बेतवा लिंक नहर में चार गुना मुआवजा मिलेगा

By Admin@News
जून 23, 2026

केन बेतवा लिंक परियोजना के तहत अब केन नदी से बेतवा नदी तक बनने वाली लिंक नहर के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। इसमें छतरपुर जिले के 54 गांवों में नहर निर्माण के लिए भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।

इन गांवों के किसानों को नई गाइडलाइन के तहत जमीन के सरकारी रेट का चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। इस कारण बांध की तुलना में जिन लोगों की जमीन नहर के लिए अधिग्रहित की जा रही है, उन्हें प्रति एकड़ अधिक मुआवजे का भुगतान किया जाएगा।

परियोजना के तहत केन नदी पर ढोड़न बांध बनाया जा रहा है। ढोड़न बांध का पानी नहर के माध्यम से बरुआसागर के पास बेतवा नदी तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए 219 किमी लंबी नहर का निर्माण किया जाएगा। नहर निर्माण के लिए केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट अथॉरिटी ने दो हिस्सों में डीपीआर तैयार किए हैं।

पहले हिस्से में केन नदी से छतरपुर जिले की सीमा में धसान नदी तक डीपीआर बनाया गया है। सबसे पहले इसी हिस्से का टेंडर जारी किया जाएगा। छतरपुर जिले में सबसे अधिक 107 किमी लंबी नहर का निर्माण किया जाना है। यह नहर छतरपुर जिले के 54 गांवों की सीमा से होकर गुजर रही है। इसी कारण जल संसाधन विभाग 54 गांवों में भूमि अधिग्रहण कर रहा है।

जहां रेट 3 लाख रेट वहां मुआवजा 12 लाख प्रति एकड़

ढोड़न बांध निर्माण के लिए 14 गांवों में लोगों की जमीनों का अधिग्रहण किया गया है। इन गांवों में सरकार ने विशेष पैकेज के प्रावधानों को लागू किया है। इसमें 5 लाख रुपए प्रति एकड़ मुजावजा राशि का भुगतान किया गया है, जबकि नहर क्षेत्र में जमीनों के कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार न्यूनतम दर 3 लाख प्रति एकड़ से अधिक हैं।

जहां 3 लाख प्रति एकड़ रेट हैं वहां किसानों को 12 लाख प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाएगा, जबकि कई हाइवे किनारे के गांव जैसे गंज, गढ़ीमलहरा में यह दर 15 लाख प्रति एकड़ से भी अधिक है। इस कारण यहां किसानों को इसका चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।

कलेक्टर गाइडलाइन से चार गुना होगा मुआवजे का वितरण

जमीन का अधिग्रहण मध्य प्रदेश भूमि अर्जन पुनर्वास पुनर्व्यवस्थापन में प्रतिकार और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 के तहत किया जा रहा है। मप्र सरकार ने अप्रैल 2026 में भू अधिग्रहण की दरों को दोगुना कर दिया है।

पहले कलेक्टर गाइडलाइन (सरकारी रेट) से दोगुना मुआवजा देने का नियम था। पर अब सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों चार गुना मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह आदेश लागू हो गया है। इसी कारण नहर के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण में चार गुना रेट पर भुगतान किया जाएगा।

केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट अथॉरिटी के अधिकारियों ने मुआवजे की दरों के निर्धारण के लिए जिला पंजीयक कार्यालय को पत्र लिखे हैं। इसमें सभी गांवों की अलग-अलग दरों की मांग की है। साथ ही इन गांवों में की गई जमीनों के सौदों के रेट मांगें हैं।

गांवों में हुई रजिस्ट्रियों और गाइडलाइन की औसत कीमत में जो अधिक होगा उसे जमीन की आधार कीमत माना जाएगा। यह हर गांव की अलग-अलग होगी। इसका चार गुना राशि का भुगतान किसान को मुआवजा राशि के रूप में किया जाएगा।

सबसे अधिक भूमि अधिग्रहण नौगांव क्षेत्र के गांवों में होगा

दो नदियों को जोड़ने वाली नहर के​ लिए 54 गांवों में भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसमें सबसे अधिक 21 गांव नौगांव विकासखंड के हैं। इसी प्रकार छतरपुर विकासखंड के 17, राजनगर के 11 और बिजावर के 5 गांवों में भूमि अधिग्रहण किया जाना है। नहर आबादी क्षेत्र के बाहर से गुजरेगी। इस कारण किसी गांव का विस्थापन नहीं किया जाएगा।

नहर के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई तेजी से चल रही

लिंक नहर के लिए जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई तेजी से चल रही है। धारा 11 और धारा 19 की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। मुआवजा की दरों के निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है। मप्र सरकार के नए नियम के अनुसार किसानों को कलेक्टर गाइडलाइन से चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। – उमा गुप्ता, कार्यपालन यंत्री केन बेतवा लिंक परियोजना छतरपुर।

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