खेत से लौट रहे मजदूर को नोचकर खा गए आवारा कुत्ते, रात भर खेत में पड़ा रहा शव
By Ashish Meena
जून 29, 2026
पंजाब के मोगा में आवारा कुत्तों ने खेत से लौट रहे एक मजदूर पर हमला कर दिया। इस हमले में पीड़ित की मौत हो गई। घटना कपूरे गांव की है, जहां कई आवारा कुत्तों के झुंड ने एक व्यक्ति पर हमला कर उसे बुरी तरह नोच डाला, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की लाश सारी रात खेत में भी खून से लथपथ पड़ी रही। कुते मृतक की अंतड़िया तक निकाल ले गए। मृतक सरबजीत सिंह खेतों में मजदूरी करता था और उसका घर खेत से बिलकुल पास ही था।
जानकारी के अनुसार सरबजीत सिंह गांव के एक जमींदार के यहां मजदूरी का काम करते था। बीती रात वह धान के खेत में पानी लगाने के बाद अपने घर लौट रहा था। घर से कुछ ही दूरी पर अंधेरे में आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे घेर लिया और बुरी तरह हमला कर दिया। कुत्तों ने उन्हें इतना नोचा कि उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। अगली सुबह गांव वालो ने धान के खेत में सरबजीत सिंह की लाश खून से लथपथ देखी। इसके बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई।
पहले भी हो चुके हैं हमले
मृतक परिवार में अकेला ही कमाने वाला था। मृतक सरबजीत के परिवार में दो बच्चे, पत्नी और मां हैं। सरबजीत सिंह मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उनकी मौत से परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। कपूरे गांव निवासी सुखदेव सिंह और गुरबक्श सिंह ने बताया कि यह गांव में आवारा कुत्तों के हमले की पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी 8 से 10 बार ऐसे हमले हो चुके हैं। 35/40 कुत्तों का ग्रुप है, जो इंसानों पर हमला करता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन को शिकायतें और मांग-पत्र सौंपे, लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
खेतों में जाने से डर रहे लोग
सुखदेव सिंह ने कहा कि इन दिनों धान की बुवाई का सीजन चल रहा है, जिसके कारण किसानों को रात के समय खेतों में पानी लगाने जाना पड़ता है। सरबजीत सिंह के साथ हुई दर्दनाक घटना के बाद गांव के लोगों में भारी डर का माहौल है। उन्होंने कहा, “अब रात को खेतों में जाने से डर लगता है। कहीं हमारे साथ भी सरबजीत सिंह जैसी घटना न हो जाए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आवारा कुत्तों की समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान किया जाए, ताकि ग्रामीण बिना भय के अपने खेतों में काम कर सकें।
परिवार ने की मुआवजे की मांग
मृतक की पत्नी रमनदीप कौर ने बताया कि उनके पति सुबह घर से काम पर निकले थे। रात को खेत में पानी लगाने के बाद जब वह घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में आवारा कुत्तों के झुंड ने उन्हें घेर लिया और नोच-नोचकर उनकी हत्या कर दी। नवदीप कौर ने कहा कि उनके पति ही परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके निधन के बाद परिवार के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने सरकार से आर्थिक सहायता देने और परिवार के पालन-पोषण के लिए उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।
