महंगाई का झटका…नायरा के बाद अब इस कंपनी ने बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के दाम
By Ashish Meena
अप्रैल 1, 2026
कुछ दिन पहले ही नायरा कंपनी के ईंधन पंपों पर पेट्रोल और डीजल के दाम में इजाफा किया गया. अब एक और कंपनी ने भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं. Shell India ने 1 अप्रैल से पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी की है. कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर रहने के कारण निजी ईंधन विक्रेता ने नुकसान से भरपाई के लिए ईंधन की कीमतों में इजाफा किया है. बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमतों में 7.41 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. साथ ही डीजल की कीमत में 25 रुपये का इजाफा किया गया है.
अब सामान्य पेट्रोल की कीमत 119.85 रुपया और पॉवर वेरिएंट की कीमत 129.85 रुपये हो गया है. स्थानीय टैक्स के कारण अन्य शहरों के इन पंपों पर ईंधन की कीमतें थोड़ी अलग हो सकती हैं. डीजल की कीमतों में और भी ज्यादा बढ़ोतरी हुई है, जो 25.01 रुपये प्रति लीटर है. अब सामान्य डीजल 123.52 रुपये और प्रीमियम डीजल 133.52 रुपये हो चुका है.
Also Read – ब्रेकिंग: बीजेपी दफ्तर के बाहर धमाका, दूर तक बिखरे मिले छर्रे, इलाके में दहशत
और भी बढ़ सकती हैं कीमतें?
मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, इस बढ़ोतरी का कारण ईरान वॉर से तेल की कीमतों में आई तेजी है. अनुमान है कि डीजल की कीमतें और भी बढ़ सकती हैं और संभावित तौर पर 148-165 प्रति लीटर तक पहुंच सकती हैं. हालांकि अभी इसकी कोई अधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि प्राइवेट फ्यूल रिटेल कंपनी दबाव में हैं, क्योंकि सरकारी कंपनियों ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद कीमतें ज्यादातर चेंज नहीं हुई हैं. पब्लिक सेक्टर की कंपनियों की तुलना में प्राइवेट रिटेल तेल कंपनियों को मुआवजा नहीं मिलता है, जिससे उन्हें कीमतों में हुई बढ़ोतरी का बोझ कस्टमर्स पर डालना पड़ता है.
नायरा ने भी बढ़ाए थे दाम
कुछ दिन पहले नायरा एनर्जी ने भी पेट्रोल और डीजल के दाम में इजाफा किया था. पेट्रोल की कीमत 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ी. इस कंपनी के देशभर में 6,967 पेट्रोल पंप हैं. वहीं शेल इंडिया के कर्नाटक (खासकर बेंगलुरु), महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, तेलंगाना और असम में कुल 325 से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं.
कितनी बढ़ीं कच्चे तेल की कीमतें?
बता दें कि भारत अपने कच्चे तेल का करीब 88 फीसदी हिस्सा आयात करता है. इसी कारण आपूर्ति में रुकावट आने से ईंधन की कीमतें संवेदनशील बनी हुई हैं. वेस्ट एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते होने वाली शिपमेंट को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. 8 फरवरी को जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हमले किए थे, तब से ब्रेंट क्रूड की कीमतें 60 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं.
