सनातन धर्म को खत्म किया जाना चाहिए, यह लोगों को बांटता है…पूर्व डिप्टी CM के बिगड़े बोल, एक बयान से मचा बवाल
By Ashish Meena
मई 12, 2026
तमिलनाडु के पूर्व डिप्टी CM उदयनिधि स्टालिन ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि लोगों को बांटने वाले सनातन धर्म को खत्म किया जाना चाहिए। उन्होंने पहले भी 2023 में सनातन को डेंगू, मलेरिया बताया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाई थी।
उदयनिधि ने विजय के शपथ ग्रहण समारोह का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि तमिलनाडु के पारंपरिक तमिल आह्वान गीत ‘तमिल थाई वाझ्थु’ को कार्यक्रम में तीसरे स्थान पर रखा गया, जबकि परंपरा के मुताबिक इसे प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी। उदयनिधि ने कहा- हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। तमिलनाडु में किसी भी सरकारी कार्यक्रम में तमिल थाई वाझ्थु को पहला स्थान मिलना चाहिए। दरअसल 10 मई को विजय के शपथ ग्रहण में सबसे पहले वंदे मातरम बजा। फिर जन गण मन बजा। इसके बाद तमिल राज्य गीत बजाया गया था।
उदयनिधि ने सनातन धर्म को डेंगू, मलेरिया बताया था
उदयनिधि स्टालिन ने 2 सितंबर 2023 को एक कार्यक्रम में सनातन धर्म के खिलाफ बयान दिया था। उदयनिधि ने कहा- सनातन धर्म मच्छर, डेंगू, फीवर, मलेरिया और कोरोना जैसा है, जिनका केवल विरोध नहीं किया जा सकता, बल्कि उन्हें खत्म करना जरूरी होता है।
विवाद बढ़ने पर उदयनिधि ने कहा कि मैं हिंदू धर्म नहीं सनातन प्रथा के खिलाफ हूं। तमिलनाडु में पिछले 100 सालों से सनातन धर्म के खिलाफ आवाजें उठ रही हैं। हम अगले 200 सालों तक भी इसके खिलाफ बोलना जारी रखेंगे। अतीत में कई मौकों पर अंबेडकर, पेरियार भी इसके बारे में बोलते रहे हैं।
सनातन धर्म के कड़े विरोध के कारण ही महिलाएं घर से बाहर निकल सकीं और सती जैसी सामाजिक कुरीतियां समाप्त हुईं। उन्होंने कहा- वास्तव में, DMK की स्थापना ही उन सिद्धांतों पर हुई थी जो ऐसी सामाजिक बुराइयों का विरोध करते हैं।
उदयनिधि को सुप्रीम कोर्ट ने भी फटकारा था
सुप्रीम कोर्ट ने 4 मार्च 2025 को उदयनिधि स्टालिन को फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि स्टालिन ने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया है। स्टालिन कोई आम आदमी नहीं है। उन्हें बयान के नतीजों के बारे में सोचना चाहिए था।
