Gold-Silver Rate: चांदी एक दिन में 18 हजार से ज्यादा सस्ती हुई, सोने में भी आई गिरावट, जानें लेटेस्ट रेट

By Ashish Meena
मई 15, 2026

Gold-Silver Rate : सोने-चांदी की कीमतों में 15 मई को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 18,693 रुपए घटकर 2.68 लाख रुपए रह गई, जो गुरुवार को 2.87 लाख रुपए पर थी।

वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,949 रुपए घटकर 1.58 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले 16 अप्रैल को यह 1.61 लाख पर था। सोना ऑल टाइम हाई से 106 दिन में 17,911 रुपए और चांदी 1,17,433 रुपए सस्ती हुई है। 29 जनवरी को सोना ₹1.76 लाख/10 ग्राम और चांदी ₹3.86 लाख/किलो थी।

रविवार को कर्नाटक और तेलंगाना की सभाओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की थी।

सोना ऑल टाइम हाई से ₹18 हजार सस्ता हुआ

इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹1.33 लाख
ऑल टाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹1.76 लाख
मौजूदा स्थिति: उच्चतम स्तर से सोना ₹18 हजार सस्ता होकर अब 1.58 लाख/10 ग्राम आ चुका है।
चांदी में क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.68 लाख तक

चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव रहा और यह ऑल टाइम हाई से तेजी से नीचे आई है।

शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹2.30 लाख
ऑल टाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹3.86 लाख
गिरावट का आंकड़ा: पिछले 106 दिन में चांदी ₹1.17 लाख गिरकर ₹2.68 लाख/किलो पर आई।

सोना-चांदी (Gold-Silver Rate) पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़कर 15% हुई

केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। सरकार का मकसद विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है। अमेरिकी-ईरान जंग के बीच सरकार ने ये फैसला लिया है।

सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है। इससे पहले 2024 के बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटाकर 6% की थी।

टैक्स बढ़ने से तस्करी बढ़ने की संभावना

वहीं, इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि टैक्स बढ़ने से तस्करी बढ़ सकती है। इससे पहले जब ड्यूटी कम की गई थी, तब स्मगलिंग में कमी आई थी।

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने कहा कि सरकार ने करंट अकाउंट डेफिसिट (चालू खाता घाटा) को काबू में रखने के लिए यह कदम उठाया है। पहले से ही ऊंची कीमतों के बीच यह फैसला मांग को प्रभावित कर सकता है।

पीएम ने एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की

प्रधानमंत्री ने कहा ‘एक समय था, जब संकट आने पर देशहित में लोग सोना दान दे देते थे। आज दान की जरूरत नहीं है, लेकिन देशहित में हमें यह तय करना होगा कि सालभर तक घर में कोई कार्यक्रम हो, हम सोने के गहने नहीं खरीदेंगे। विदेशी मुद्रा बचाने के लिए हमारी देशभक्ति हमें चुनौती दे रही है और हमें यह स्वीकार करके विदेशी मुद्रा बचानी होगी।’

ऐसा क्यों कहा

पीएम मोदी ने भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए ये अपील की। भारत अपने इस्तेमाल का करीब 99% सोना विदेशों से खरीदता है। 2025-26 में सोने का ये इम्पोर्ट बिल करीब 6.4 लाख करोड़ रुपए का था। विदेशों से खरीदे जाने वाले सामान के कुल खर्चे में 9% हिस्सेदारी के साथ सोना दूसरे नंबर पर है।

ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान

1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।

2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।