क्या फिर महंगा होगा पेट्रोल-डीजल? SBI की रिपोर्ट में बड़ा अलर्ट, तेल कंपनियों को हो रहा भारी नुकसान

By Ashish Meena
मई 16, 2026

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर रुपये में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले और कमजोरी आती है, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने से तेल कंपनियों को मिलने वाला फायदा पूरी तरह खत्म हो सकता है.

ईंधन कीमत बढ़ाने से मिली राहत

एसबीआई की इकोरैप रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी से सरकारी तेल कंपनियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. इससे कंपनियों की अंडर-रिकवरी यानी लागत से कम कीमत पर ईंधन बेचने से होने वाले नुकसान में करीब 52,700 करोड़ रुपये की कमी आ सकती है. रिपोर्ट के अनुसार, यह रकम वित्त वर्ष 2026-27 में अनुमानित कुल नुकसान का करीब 15% हिस्सा है.

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पश्चिम एशिया संकट का असर

सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए थे. इसके पीछे पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल को वजह बताया गया. कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर सीधा असर पड़ता है, क्योंकि ज्यादा विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है.

रुपये में कमजोरी बनी बड़ी चिंता

रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर रुपया और कमजोर होता है, तो कच्चे तेल के आयात की लागत तेजी से बढ़ जाएगी. ऐसे में ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी से मिलने वाला पूरा फायदा खत्म हो सकता है. एसबीआई के मुताबिक, अगर मौजूदा स्तर से रुपया सिर्फ 2 रुपये और टूटता है, तो तेल कंपनियों की अतिरिक्त आय आयात लागत में ही खत्म हो जाएगी.

रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया

शुक्रवार को कारोबार के दौरान रुपया डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर से नीचे चला गया. आखिर में भारतीय मुद्रा 95.81 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुई. रिपोर्ट में कहा गया है कि रुपया पहले ही ऐसे स्तर के करीब पहुंच चुका है, जहां से आगे की गिरावट तेल कंपनियों के लिए मुश्किलें और बढ़ा सकती है.

तेल कंपनियों को भारी नुकसान

रिपोर्ट में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के हवाले से बताया गया है कि सरकारी तेल कंपनियों को हर दिन करीब 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है. सालाना आधार पर यह नुकसान करीब 3.6 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।