करोड़पति परिवार के 4 सदस्यों की हत्या, बेटे ने अपने दोस्त के साथ मिलकर मां-बाप और बहन को उतारा मौत के घाट
By Ashish Meena
जून 4, 2026
प्रयागराज में करोड़पति परिवार के 4 सदस्यों की हत्या का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया। मां-बाप और बहन की हत्या बेटे ने ही अपने दोस्त के साथ मिलकर की थी। हत्या के बाद दोनों ने घर से डेढ़ करोड़ रुपए के गहने लूटे। फिर गहनों के बंटवारे को लेकर उनके बीच आपस में झगड़ा हो गया। इसके बाद दोस्त ने बेटे की हत्या कर दी।
वारदात के बाद उसने दुकान में बाहर से ताला लगाया और गहने लेकर भाग गया। पुलिस ने आरोपी दोस्त सनी गुप्ता को हिरासत में लिया है। वह चाय की दुकान लगाता है। उसके पास से लूटे हुए गहने भी बरामद हुए हैं।
जांच में सामने आया है कि कारोबारी ने साल-2022 में बेटे को प्रॉपर्टी से बेदखल कर दिया था। इससे वह नाराज था। इसके बाद उसने वारदात को अंजाम दिया। आरोपी सनी गुप्ता ने मीडियाकर्मियों से कहा- हमें लगा कि जो अपने मां-बाप का नहीं हुआ, वह मेरा क्या होगा। हमने कोई अपराध नहीं किया था। उसी ने मुझे उकसाया और बुलाया। उसने अपने मां-बाप का कत्ल किया। हम दोनों सोना-चांदी लेकर नीचे आए। उसने कहा था कि मुझे भी हिस्सा देगा, लेकिन नहीं दिया। इसी वजह से मैंने उसकी हत्या कर दी।
मंगलवार को कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य (70), उनकी पत्नी अनीता (65) और बेटी मीनाक्षी (45) के शव घर के अंदर मिले थे। घर में बाहर से ताला बंद था, जबकि बेटे अभिषेक का कुछ पता नहीं चल पाया था।
ऐसे में शक अभिषेक पर गया। हालांकि, करीब 2 घंटे बाद अभिषेक (40) का शव मकान के नीचे की दुकान में मिला। दुकान का ताला भी बाहर से बंद था। ऐसे में पुलिस मान रही थी कि किसी ने पूरे परिवार की हत्या कर दी है।
गत्ते पर लिखा मिला- बंटी, बबली और बहू ने मारा
जांच में पुलिस को कारोबारी पति-पत्नी के शव से एक मीटर दूर एक गत्ता पड़ा मिला। इस पर लाल कलर के पेन से लिखा था- “बंटी, बबली और बहू ने मारा।” सूत्रों के मुताबिक, बेटे ने ही पुलिस को गुमराह करने के लिए ऐसा लिखा था। जिससे पुलिस का शक जेल से बाहर आई छोटे भाई की पत्नी पर जाए। वारदात साउथ मलाका इलाके में हीवेट रोड चौराहे की है।
बेटे ने हत्या क्यों की, पढ़िए
वीरेंद्र कुमार वैश्य का गिफ्ट का कारोबार था। उनका हीवेट रोड चौराहे पर दो मंजिला मकान है। मकान 8,000 वर्गफीट में बना है, जिसकी कीमत 10 से 15 करोड़ रुपए बताई जा रही है। निचले हिस्से में 14 दुकानें हैं, जिनमें से 13 किराए पर हैं। ऊपरी हिस्से में वीरेंद्र परिवार के साथ रहते थे। एक दुकान बेटी मीनाक्षी चलाती थी। वह गिफ्ट से जुड़े सामान बेचती थी।
उसी दुकान पर वीरेंद्र वैश्य भी बैठा करते थे। बड़ा बेटा अभिषेक पेस्टीसाइड और फ्लोर क्लीनिंग सॉल्यूशन का व्यापार करता था। अभिषेक और मीनाक्षी की शादी नहीं हुई थी। छोटा बेटा कौशांबी जेल में बंद है। उसकी पत्नी रितु जमानत पर जेल से बाहर है।
बेटे की पिता से खटपट रहती थी
पुलिस जांच में पता चला है कि बड़े बेटे अभिषेक की भी पिता से नहीं जमती थी। पड़ोसियों और रिश्तेदारों के अनुसार, अभिषेक की संगत को लेकर परिवार में अक्सर झगड़ा होता रहता था। एक बार अभिषेक ने किसी व्यक्ति से कई लाख रुपए उधार ले लिए थे।
समय पर रकम न लौटाने पर कर्ज देने वाले अभिषेक की पिटाई कर उसे उठा ले गए थे। धमकी दी थी कि पैसे नहीं मिले तो पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। बाद में बहन मीनाक्षी ने पैसे देकर अभिषेक को छुड़ाया था। इस बात को लेकर वीरेंद्र का अभिषेक से झगड़ा हो गया था।
माता-पिता और बहन की हत्या कर कंबल-रजाई से ढका
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बेटे ने दोस्त के साथ मिलकर परिवार की हत्या का प्लान बनाया। दोनों ने मिलकर पहले वीरेंद्र वैश्य की हत्या की, फिर उनकी पत्नी और बेटी को मार डाला। इसके बाद घर में रखे सारे गहने लूट लिए। फिर शवों को रजाई और कंबल से ढक दिया था, जिससे दुर्गंध बाहर न फैले और वारदात का खुलासा देर से हो।
वारदात के बाद फर्श पर पड़े खून के धब्बों को साफ करने की कोशिश की गई। इसके लिए पहले पानी और फ्लोर क्लीनर का इस्तेमाल किया गया, फिर फर्श पर तेल भी डाला गया, जिससे खून के निशान पूरी तरह मिट जाएं। वारदात के बाद दोनों अभिषेक की दुकान में पहुंचे। यहां गहनों के बंटवारे को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद दोस्त ने अभिषेक को मार दिया।
