बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत पर नहीं हुई कार्रवाई, 3 सितंबर को बालाघाट बंद का ऐलान, अन्य जिलों से भी पहुंचेंगे आदिवासी
By Ashish Meena
सितम्बर 2, 2026
बालाघाट में जून के अंतिम सप्ताह से अब तक आदिवासी इलाकों में 27 बच्चों की मौत के बाद भी बच्चों के बीमार होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। 24 घंटे में जिला अस्पताल में 132 बच्चे पहुंचे। इनमें बैहर और परसवाड़ा के मछुरदा, अडोरी, सोनगुड्डा, मोहनपुर, कोरका और कुंडेकसा गांवों के मलेरिया, खसरा, डायरिया और बुखार पीड़ित बच्चे भी शामिल हैं।
बालाघाट के बैहर और परसवाड़ा क्षेत्र के आदिवासी गांवों में बच्चों की मौत के मामले में कोई कार्रवाई नहीं होने से आदिवासी समाज नाराज है। इसी नाराजगी के चलते 3 सितंबर को बालाघाट बंद का ऐलान किया गया है। आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने मंगलवार शाम 6 बजे हड़ताल स्थल पर प्रेस से बात करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बंद के दौरान इमरजेंसी सेवाओं को छूट दी जाएगी, लेकिन व्यापारिक प्रतिष्ठान, परिवहन, बाजार और अन्य सेवाएं बंद रहेंगी।
आदिवासी समाज का आरोप है कि दो दर्जन से ज्यादा आदिवासी बच्चों की मौत के बावजूद, प्रदेश सरकार ने जिम्मेदार स्वास्थ्य, पीएचई और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। समाज का कहना है कि सरकार ने जो मुआवजा दिया है, वह भी बहुत कम है। उनकी मांग है कि सरकार मुआवजा राशि बढ़ाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करे।
अन्य जिलों के आदिवासी होंगे शामिल
आदिवासी विकास परिषद के जिलाध्यक्ष दिनेश धुर्वे ने बताया कि यह बंद आंदोलन आदिवासी बच्चों की मौत पर न्याय की मांग को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि इस आंदोलन में बालाघाट के आदिवासी और गैर-आदिवासी समाज के अलावा, मंडला, डिंडौरी, सिवनी, बैतूल और अन्य आदिवासी क्षेत्रों से भी लोग बालाघाट पहुंचेंगे। यहां सभी आदिवासी बच्चों को न्याय दिलाने की मांग करेंगे।
ललित उईके, जो 21 अगस्त से लगातार आदिवासी बच्चों को न्याय, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और मृतक परिवारों को आर्थिक मदद की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, उन्होंने बताया कि बंद आंदोलन की शुरुआत हड़ताल स्थल से होगी। इस बंद आंदोलन में शामिल सभी आदिवासी और गैर-आदिवासी समाज के लोग रैली के रूप में शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे। वहां वे अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे।
