मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, तीन गांवों पर हमला, 30 घर जलकर खाक

By Ashish Meena
सितम्बर 2, 2026

मणिपुर हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं. एक बार फिर से कांगपोकपी जिले में हिंसा भड़क गई. मंगलवार (1 सितंबर) तड़के हथियारबंद हमलावरों ने तीन लियांगमई नगा गांवों को निशाना बनाया. इस दौरान हमलावरों ने करीब 30 से ज्यादा घरों को आग के हवाले कर दिया गया, जब एक ग्रामीण गोली लगने से जख्मी हो गया. हिंसा के कारण इलाके में तनाव बढ़ गया है और लोग दशहत में हैं. घटना की जानकारी मिलते ही अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर भेजा गया.

पुलिस के मुताबिक, हमला मंगलवार सुबह करीब 4 बजे टापोन खुल्लेन, टापोन खुनौ और माकुई पिपुराम गांव में हुआ. हमलावरों ने पहले गोलीबारी की और इसके बाद कई घरों और अन्य संपत्तियों में आग लगा दी. सुरक्षा बलों के मौके पर पहुंचने के बाद भी कई घंटों तक रुक-रुककर गोलीबारी होती रही.

CRPF और पुलिस ने संभाला मोर्चा

हालात को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), उसकी कोबरा इकाई और मणिपुर पुलिस के अतिरिक्त जवानों को इलाके में तैनात किया गया. सुरक्षा बलों ने गांवों और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया. अधिकारियों के अनुसार, गोलीबारी करीब दोपहर 12:30 बजे तक जारी रही.

30 से ज्यादा घरों को नुकसान

सुरक्षा बलों की शुरुआती जांच में कम से कम 30 घरों के जलने या क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है. इसके अलावा कई वाहन और दूसरी संपत्तियां भी आगजनी में नष्ट हुई हैं. अधिकारियों ने कहा कि नुकसान का आकलन अभी जारी है, इसलिए प्रभावित संपत्तियों की अंतिम संख्या बाद में सामने आएगी.

तीन कुकी नागरिकों की हुई थी मौत

यह हमला सोमवार को कांगपोकपी के तैखांग कुकी गांव में हुई गोलीबारी के एक दिन बाद हुआ है. इस घटना में दो महिलाओं समेत तीन कुकी नागरिकों की मौत हुई थी, जबकि चार लोग घायल हुए थे. लगातार दो दिनों में हुई हिंसक घटनाओं ने क्षेत्र में तनाव और बढ़ा दिया है.

कांगपोकपी और तामेंगलॉन्ग जिलों में हिंसा

पिछले कुछ समय से इम्फाल-तामेंगलॉन्ग रोड से लगे कांगपोकपी और तामेंगलॉन्ग जिलों में हिंसा और जवाबी हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं. 13 मई के बाद अलग-अलग घटनाओं में कुकी-जो और नागा समुदायों से जुड़े कम से कम 17 लोगों की जान जा चुकी है. 27 अगस्त को हुए घात लगाकर किए गए हमले में चार नगा नागरिकों की मौत हुई थी. वहीं 31 अगस्त की घटना में तीन कुकी नागरिक मारे गए.लगातार हो रही हिंसा के बावजूद अभी तक किसी भी संगठन ने इन हमलों की आधिकारिक जिम्मेदारी नहीं ली है. सुरक्षा बल अब हमलावरों की पहचान और हिंसा के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटे हैं.

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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