गांव में अवैध शराब के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगी महिलाएं, कार्रवाई नहीं हुई तो चक्काजाम की चेतावनीआक्रोश, थाना हरणगांव में दिया आवेदन
By Ashish Meena
सितम्बर 6, 2026
देवास जिले के खातेगांव तहसील के ग्राम खयडीपुरा (सुलगांव) में कथित अवैध शराब बिक्री को लेकर महिलाओं का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। गांव की महिलाओं ने एकजुट होकर थाना प्रभारी हरणगांव अभिषेक सिंह सेंगर को आवेदन सौंपते हुए गांव में अवैध रूप से हो रही शराब बिक्री पर तत्काल रोक लगाने और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो चक्काजाम करेंगी महिलाएं।
घरों से शराब बिक्री का आरोप
महिलाओं ने आवेदन में आरोप लगाया कि गांव में कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर घरों से अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। गांव में शराब आसानी से उपलब्ध होने के कारण इसका असर सामाजिक माहौल पर पड़ रहा है। महिलाओं के मुताबिक शराब के नशे में लोग घर पहुंचकर महिलाओं के साथ गाली-गलौज करते हैं, जिससे आए दिन विवाद और झगड़े की स्थिति बन रही है।
शराब के लिए अनाज बेचने का भी आरोप
महिलाओं ने आरोप लगाया कि शराब की लत के कारण कुछ लोग शराब खरीदने के लिए घर का अनाज तक बेच रहे हैं। इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होने के साथ ही घरेलू विवाद और तनाव बढ़ रहा है। महिलाओं का कहना है कि अवैध शराब की आसान उपलब्धता के कारण गांव के परिवारों पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
बच्चों पर भी पड़ रहा असर
महिलाओं ने आवेदन में बच्चों को लेकर भी चिंता जताई है। उनका आरोप है कि गांव में शराब आसानी से मिलने के कारण स्कूल जाने वाले बच्चे भी नशे की चपेट में आ रहे हैं। कुछ बच्चे नशे की हालत में स्कूल पहुंचते हैं, जिससे स्कूल का माहौल भी प्रभावित हो रहा है। महिलाओं ने प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
कार्रवाई नहीं हुई तो चक्काजाम
महिलाओं ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आवेदन पर तत्काल संज्ञान लेते हुए गांव में कथित अवैध शराब बिक्री की जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो सैकड़ों महिलाएं खयड़ीपुरा मेन रोड पर चक्काजाम करेंगी।
महिलाओं ने कहा कि गांव के सामाजिक माहौल और परिवारों को शराब के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए प्रशासन को समय रहते ठोस कदम उठाना चाहिए। अब देखना होगा कि महिलाओं की शिकायत पर पुलिस प्रशासन किस तरह की कार्रवाई करता है।
