MP में पेट्रोल पंपों पर UPI को लेकर बड़ा विवाद, ₹2000 से ज्यादा के बिल पर कैश, ₹17,400 शुल्क का विरोध

By Ashish Meena
सितम्बर 18, 2026

मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने 2000 रुपए से ज्यादा बिलों के लिए UPI से भुगतान नहीं लेने का निर्णय लिया है। 16 अक्टूबर से यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा- प्रदेश में 4700 पेट्रोल पंप हैं। UPI से पेमेंट लेने से हर पंप मालिक पर महीने का 17 हजार 400 रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसे सहन नहीं कर सकते।

सिंह ने कहा- यह निर्णय 2000 रुपए से ज्यादा के यूपीआई लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू होने के बाद लिया गया है। ईंधन को रियायती श्रेणी में रखा गया है और 2000 रुपए की सीमा से ऊपर के प्रत्येक लेन-देन पर 5 रुपए का एक समान एमडीआर लागू है। 18% जीएसटी के साथ प्रति लेनदेन यह लागत 5.90 रुपए बैठती है।

महीने में 8.17 करोड़ रुपए चुकाने होंगे

अजय सिंह ने बताया कि हर पेट्रोल पंप पर प्रतिदिन औसत 100 ट्रांजेक्शन 2000 रुपए से अधिक के होते हैं। ऐसे में 500 रुपए अतिरिक्त चुकाने पड़ेंगे। 18% जीएसटी के 90 रुपए मिलाकर यह राशि 590 रुपए हो जाएगी।

ऐसे में महीने का अतिरिक्त बोझ 17 हजार 400 रुपए बढ़ेगा। सभी 4700 पंपों की बात करें तो 8.17 करोड़ रुपए मालिकों की जेब से बेवजह निकलेंगे। हमारा व्यवसाय पहले ही छोटे मार्जिन वाला है।

नोट पर पाबंदी, डिजिटल लेन-देन पर नहीं

मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन का कहना है कि किसी भी तरह की मुद्रा नहीं लेना कानूनी रूप से गलत है। लेकिन डिजिटली भुगतान के संबंध में ऐसा कोई नियम या दबाव नहीं है। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बृजेंद्र सिंह रघुवंशी ने कहा- पंप पर बचत कम है और खर्च बढ़ गया है। कर्मचारियों की सैलरी, बिजली बिल समेत कई भुगतान करने होते हैं। 5 प्रतिशत एमडीआर देते हैं तो हमारे पास क्या बचेगा? यह राशि कंपनियों से ही वसूलनी चाहिए।

हम तो पंप बंद करना चाहते हैं, लेकिन कंपनी के नियमों में फंसे हैं। दूसरी ओर, सरकार की नीतियां भी विरोध में हैं। ऐसे में पंप का संचालन करना मुश्किल हो रहा है।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।