मध्यप्रदेश में अप्रैल-मई 2027 में हो सकते हैं पंचायत चुनाव, ग्रामसभा के अधिकार समितियों को देगी सरकार, नगरपालिकाओं की तर्ज पर टैक्स वसूल सकेंगी पंचायतें, पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने की घोषणा
By Ashish Meena
अक्टूबर 23, 2026
मालवा जंक्शन, भोपाल।
मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रदेश की करीब 23 हजार ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही नए चुनाव कराने की योजना है। डॉ. मोहन यादव सरकार राज्य में आगामी पंचायत चुनाव अप्रैल-मई 2027 में करा सकती है। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले सरकार पंचायत राज व्यवस्था में व्यापक और ऐतिहासिक बदलाव करने जा रही है, जिसकी घोषणा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने की है।
वारासिवनी के गर्रा में सरपंच सम्मेलन में बड़ा ऐलान
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने बालाघाट जिले की वारासिवनी जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गर्रा में आयोजित ‘सरपंच सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए ये महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी पंचायत चुनाव पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने से एक या दो महीने पहले ही संपन्न करा लिए जाएंगे, ताकि चुनाव के तुरंत बाद नई पंचायतों को समय पर कार्यभार सौंपने की प्रक्रिया निर्बाध रूप से पूरी की जा सके।
ग्राम सभा के अधिकार पंचायत समितियों को
मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया कि चुनाव से पहले राज्य के पंचायत राज नियमों में बड़े बदलाव किए जाएंगे। इसके लिए विभाग द्वारा मसौदा तैयार किया जा रहा है और अगले एक महीने के भीतर इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करने की तैयारी है।
नए नियमों के तहत ग्राम सभा की अनिवार्यता तो बनी रहेगी, लेकिन उसके कई प्रशासनिक एवं कार्यकारी अधिकार अब ‘पंचायत समितियों’ को सौंपे जाएंगे। वर्तमान व्यवस्था में ग्राम सभाएं गांव के विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं के चयन और स्थानीय मुद्दों पर निर्णय लेने में अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसे में यह बदलाव पंचायत राज व्यवस्था के ढांचे में एक बड़ा और निर्णायक मोड़ साबित होगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस नई व्यवस्था को आगामी नवंबर माह तक पूरी तरह लागू कर दिया जाए।
नगरपालिकाओं की तर्ज पर टैक्स वसूल सकेंगी पंचायतें
ग्रामीण क्षेत्रों को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सरकार पंचायतों को नगरपालिकाओं की तर्ज पर कर (टैक्स) लगाने का अधिकार देने की दिशा में भी काम कर रही है। हालांकि, पंचायतें किन-किन मदों में टैक्स वसूल सकेंगी और करों की दरें क्या होंगी, इसका विस्तृत खाका तैयार किया जा रहा है जिसे जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा। इस कदम से पंचायतों की अपनी आय में वृद्धि होगी और वे स्थानीय विकास कार्यों के लिए फंड जुटा सकेंगी।
25 दिसंबर को 2,472 नए पंचायत भवनों का लोकार्पण
ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 2,472 नए पंचायत भवन बनकर पूरी तरह तैयार हो चुके हैं। इनका भव्य लोकार्पण आगामी 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर किया जाएगा।
अब पंचायत भवनों के डिजाइन में बदलाव कर उन्हें दो मंजिला (डबल स्टोरी) बनाने का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक पंचायत भवन के निर्माण के लिए सरकार द्वारा 37.50 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अलावा विभाग ने 25 लाख से 48 लाख रुपए की लागत से 3,700 से अधिक सामुदायिक भवनों का निर्माण भी कराया है। जिन ग्राम पंचायतों की आबादी 5,000 से अधिक है, वहां कम से कम दो सामुदायिक भवन बनाए गए हैं।
2027 की मतदाता सूची के आधार पर होंगे चुनाव
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में पिछला त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जून-जुलाई 2022 में आयोजित किया गया था। आगामी चुनावों के लिए मतदाता सूची 1 जनवरी 2027 की स्थिति के आधार पर अपडेट की जाएगी। हालांकि अप्रैल-मई 2027 में चुनाव कराने का प्रस्ताव है, लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आधिकारिक तारीखों की घोषणा तय समय पर की जाएगी।
