एक और राजनीति पार्टी बनाने का ऐलान, पूर्व CM की बेटी ने लांच की TRS पार्टी
By Ashish Meena
अप्रैल 25, 2026
तेलंगाना की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. तेलंगाना के पूर्व सीएम के चंद्रशेखर राव की बेटी और बीआरएस की पूर्व नेता के कविता ने आज हैदराबाद में अपनी नई राजनीतिक पार्टी TRS-तेलंगाना राष्ट्र सेना लॉन्च की है. लेकिन सवाल ये है कि आखिर ऐसी क्या वजह रही कि जिसकी वजह से के कविता ने अपने परिवार का साथ छोड़कर अलग पार्टी बनाई है. चलिए इस बारे में विस्तार से चर्चा करते हैं.
क्यों बढ़ी परिवार में दरार?
कविता, जो कि तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) की बेटी हैं, लंबे समय तक BRS की अहम चेहरा रही हैं. लेकिन 2025 में पार्टी के अंदर मतभेद खुलकर सामने आए. दरअसल, कविता ने अपने ही परिवार के नेताओं-भाई के टी रामा राव और चचेरे भाई टी हरीश राव पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था कि पार्टी के कुछ नेता KCR की छवि खराब कर रहे हैं और आंतरिक राजनीति में गड़बड़ी है. इसी विवाद के बाद KCR ने उन्हें ‘एंटी-पार्टी एक्टिविटीज’ के आरोप में पार्टी से सस्पेंड कर दिया था.

नई पार्टी क्यों बना रही हैं कविता?
पार्टी से बाहर होने के बाद कविता लगातार एक्टिव रहीं. उन्होंने ‘सोशल तेलंगाना’ के मुद्दे पर राज्यभर में लोगों से संवाद किया और अलग राजनीतिक मंच तैयार करने की कोशिश की. अब माना जा रहा है कि नई पार्टी के जरिए वो सामाजिक न्याय, क्षेत्रीय पहचान और नई राजनीति को आगे बढ़ाना चाहती हैं. ये कदम उनके राजनीतिक भविष्य को फिर से खड़ा करने की रणनीति भी माना जा रहा है. दरअसल, बचपन से ही के कविता ने अपने पिता को राजनीति में आगे बढ़ते देखा था और वो हमेशा से ही पॉलिटिक्स में अपनी पहचान बनाना चाहती थीं.

2003 तक अमेरिका में पढ़ाई करके वो 2004 में भारत लौट आईं. उस वक्त केसीआर यूपीए सरकार में मंत्री थे और उनके भतीजे टी. हरीश राव वाईएस राजशेखर रेड्डी के नेतृत्व वाली आंध्र प्रदेश सरकार में मंत्री बन गए थे. कविता को ये बात हमेशा खटकती रही कि हरीश राव विधायक बनने से पहले ही मंत्री बन गए. वो इस उम्मीद से भारत आई थीं कि वो आंध्र प्रदेश सरकार में मंत्री बनेंगी, लेकिन उससे पहले ही टीआरएस के नेता वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के मंत्रिमंडल से बाहर आ चुके थे.

कैसा रहा राजनीतिक सफर ?
2014 के लोकसभा चुनावों में कविता ने निजामाबाद संसदीय क्षेत्र से बड़ी जीत हासिल की और पहली बार सांसद बनीं. उनका राजनीतिक करियर अच्छा चल रहा था, तभी उनका नाम शराब नीति घोटाले में आ गया और उन्हें जेल जाना पड़ा. 6 महीने तक जद्दोजहद करने के बाद उन्हें कोर्ट से राहत मिली.
निजामाबाद से 2019 का लोकसभा चुनाव हारने के बाद, कविता का टाइम बेहद खराब रहा. उन्हें ये तक सुनना पड़ा कि उन्होंने अपने पिता केसीआर जैसे कद्दावर नेता का नाम मिट्टी में मिला दिया. इसके बाद 2023 के विधानसभा चुनावों में BRS की हार और 2024 के संसदीय चुनावों में एक भी सीट न जीत पाने की नाकामयाबी ने कविता का सब्र खत्म कर दिया. इसी बीच उनका वो लेटर लीक हुआ, जिसमें उन्होंने भाई केटीआर, रिश्तेदार हरीश राव और बाकी नेताओं के बारे में आलोचना की थी. इसी लेटर की वजह से कविता को BRS से निकाला गया, जिसके बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाने का फैसला किया.
