इंदौर में कांग्रेस की दो पार्षदों पर FIR, वंदे मातरम गाने से किया था इनकार, कहा था- किसी के बाप में दम नहीं, जो बुलवा ले…
By Ashish Meena
अप्रैल 15, 2026
इंदौर नगर निगम में 8 अप्रैल को बजट सत्र के दौरान वंदे मातरम राष्ट्रगीत नहीं गाने और विवाद करने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। एमजी रोड पुलिस ने जांच के बाद कांग्रेस की दो महिला पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम के खिलाफ बुधवार को एफआईआर दर्ज की है। इंदौर में वंदे मातरम् विवाद में यह पहली एफआईआर है। पुलिस ने यह एक्शन भाजपा पार्षदों की शिकायत और वायरल वीडियो के आधार पर उठाया है।
पुलिस ने बीते सोमवार और मंगलवार को दोनों आरोपी पार्षदों को पूछताछ के लिए तलब किया था। उनके बयान दर्ज किए गए। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196/1 (विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना और सद्भाव बिगाड़ना) के तहत केस दर्ज कर लिया।
एसीपी विनोद दीक्षित ने बताया कि इस मामले में भाजपा पार्षद दल ने एमजी रोड थाने में आकर शिकायत की थी। इस शिकायत के बाद ही पूरे मामले की जांच की जा रही है। फौजिया शेख अलीम के सोमवार को बयान दर्ज किए गए थे। मंगलवार को पार्षद रुबीना इकबाल खान के बयान दर्ज किए गए है। इसके साथ ही उनसे मामले को लेकर साढ़े चार घंटे सवाल-जवाब भी किए गए।
दोनों पार्षदों ने दिया धर्म और संविधान का हवाला
रुबीना ने इस्लाम का हवाला देते हुए पुलिस से कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें (मुसलमानों को) स्वतंत्रता दी है। मैं “किसी के बाप में दम तो हो” वाले मेरे बयान पर माफी मांगती हूं। दूसरी ओर फौजिया शेख ने पुलिस को बताया कि भारतीय संविधान उन्हें धार्मिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी देता है। संविधान के तहत किसी को भी जबरन कोई गीत गाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
फौजिया ने आगे कहा कि जब वह सदन में गंदे पानी और जनता से जुड़े जरूरी मुद्दों पर बात करना चाह रही थीं, तब भाजपा पार्षदों ने जानबूझकर ‘वंदे मातरम’ का मुद्दा उठाकर ध्यान भटकाने की कोशिश की।
बोलीं – शहर के मुद्दों पर चर्चा करना जरूरी
रुबीना ने कहा कि इस्लाम में मनाही है इसलिए हम वंदे मातरम् नहीं गाते हैं। वहीं, फौजिया शेख अलीम ने इस मामले में कुछ भी कहने से मना कर दिया। फौजिया के पति शेख अलीम का कहना है कि इस मामले को यहीं खत्म करते हुए अब दोनों को साथ बैठकर शहर के विकास के मुद्दों पर चर्चा करना चाहिए।
फौजिया ने मांगा था एक्ट, जिसमें ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य हो
बजट वाले दिन सभापति के निर्देश पर कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम ने कहा था कि उन्हें वह एक्ट दिखाया जाए, जिसमें ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य बताया गया हो। कुछ देर बाद वे खुद ही सदन से बाहर चली गईं। वहीं, रुबीना इकबाल खान ने कहा कि अगर एक बाप की औलाद हो तो बुलवाकर दिखाओ। उनके बयान से सदन संवेदनशील हो गया था।
नेता प्रतिपक्ष ने ‘वंदे मातरम’ गाना व्यक्तिगत इच्छा बताया था
मामले पर नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस पार्षद चिंटू चौकसे ने कहा था- ‘वंदे मातरम’ गाना व्यक्तिगत इच्छा हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के सम्मान के लिए संकल्पित है। उन्होंने बताया कि घटनाक्रम की जानकारी प्रदेश अध्यक्ष को दे दी गई है।
रुबीना ने खामेनेई को श्रद्धांजलि भी दी थी
बजट पेश होने से पहले पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने अमेरिकी-इजराइली हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर को श्रद्धांजलि दी थी। रुबीना ने कहा था कि खामेनेई को अमेरिका ने धोखे से शहीद किया। इस पर भाजपा पार्षदों ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाकर विरोध जताया।
