PM मोदी ने देश को किया संबोधित, महिलाओं से मांगी माफी, महिला आरक्षण बिल पर कहा- विपक्ष को उनके पाप की सजा जरूर मिलेगी, जानें और क्या-क्या बोले प्रधानमंत्री
By Ashish Meena
अप्रैल 18, 2026
नई दिल्ली: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संशोधन विधेयक गिरने के बाद आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया. उन्होंने इस बिल के गिरने का जिम्मेदार विपक्ष को ठहराया है. उन्होंने कहा, ‘इस बिल में संशोाधन नहीं हो पाया. मैं सभी माताओं-बहनों से माफी मांगता हूं. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने अपने स्वार्थ की वजह से इस बिल को पारित नहीं होने दिया. देश की नारी शक्ति सब देख रही है, बिल गिरा तो मुझे बहुत दुख हुआ.
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया और उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया. उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई और नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो सका.
PM ने कहा कि कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके जैसे विपक्षी दल इस भ्रूणहत्या के गुनहगार हैं। ये देश के संविधान के अपराधी हैं। नारी शक्ति के अपराधी हैं। जिन लोगों ने आधी आबादी का अधिकार छीना, उन्हें इस पाप की सजा मिलेगी।
PM ने कहा- विपक्ष ने जश्न मनाया, मेजें थपथपाईं
महिलाओं के सपने को कुचल दिया: ‘आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया।
विपक्ष ने मेजें थपथपाईं : कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है। कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी। देश की नारी शक्ति देख रही थी। मुझे भी ये देखकर बहुत दुख हुआ कि जब ये नारी हित का प्रस्ताव गिरा तो कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, सपा जैसी परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थीं। महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर ये लोग मेजें थपथपा रहे थे।
नारी अपमान नहीं भूलती: कल विपक्ष ने जो भी किया वह केवल टेबल पर थाप नहीं थी। वह नारी के स्वाभिमान पर उसके आत्म सम्मान पर चोट थी। और नारी सब भूल जाती है, अपना अपमान कभी नहीं भूलती। इसलिए संसद में कांग्रेस के उसके सहयोगियों के व्यवहार की कसक, हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी तो वह याद करेगी कि इन्हीं लोगों ने संसद में महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था, खुशियां मनाईं थीं।
विपक्ष को उसके पाप की सजा जरूर मिलेगी: कल नारी शक्ति वंदन विधेयक का जिन लोगों ने विरोध किया है, उनसे मैं दो टूक कहूंगा कि ये लोग नारी शक्ति को फॉर ग्रांटेड ले रहे हैं। वे ये भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है। वह उनकी मंशा भांप रही है और सच्चाई भी भली-भांति जान चुकी है। महिला आरक्षण विधेयक का विरोध कर के विपक्ष ने जो पाप किया है, उसकी सजा उन्हें जरूर मिलेगी। इन दलों ने संविधान निर्माता की भावनाओं का भी अपमान किया है। और जनता द्वारा इसकी सजा से भी वे बच नहीं पाएंगे।
परिवारवादी पार्टियां डर गईं: ये महिलाएं देश की सेवा करना चाहती है। लेकिन परिवारवादियों के भीतर उनसे असुरक्षा की भावना बैठी है। परिसीमन के बाद महिलाओं का कद बढ़ता इसलिए उन्होंने बिल का विरोध किया। देश की नारी शक्ति कांग्रेस और उसके साथी दलों के लिए पाप के लिए माफ नहीं करेगी। कांग्रेस और उसके साथी दल परिसीमन पर लगातार झूठ बोल रहे हैं। ये इस बहाने विभाजन की आग को सुलगाना चाहते हैं।
विपक्ष हमेशा से कुतर्क गढ़ता है: कांग्रेस, सपा, डीएमके और टीएमसी हर बार वही बहाने, वही कुतर्क गढ़ते आए हैं। कोई न कोई तकनीकी पेच फंसाकर ये महिलाओं के अधिकारों पर डाका डालते रहे हैं। देश राजनीति का यह भद्दा पैटर्न बराबर समझ चुका है।
PM बोले- बिल पास होता तो बंगाल, यूपी सभी राज्य की सीटें बढ़तीं
प्रधानमंत्री ने कहा- ये बिल सभी दलों और राज्यों के लिए एक मौका था। एक अवसर था ये बिल पास होता तो बंगाल, यूपी, केरल सभी राज्य की सीटें बढ़तीं। इन लोगों ने अपने राज्यों को धोखा दिया। डीएमके के पास मौका था और ज्यादा लोागें को सांसद विधायक बना सकती थी लेकिन उसने मौका खो दिया।
मोदी ने कहा- टीएमसी के पास भी बंगाल के लोगों को आगे बढ़ाने का मौका था लेकिन गंवा दिया। सपा भी महिला विरोध होने के छवि के दाग को कम करने के मौके से चूक गई। सपा ने बिल का विरोध करके लोहिया जी के सपनों को पैरों तले रौंद दिया।
PM ने कहा- कांग्रेस ने फिर एक बात साबित कर दिया कि कांग्रेस एक एंटी रिफॉर्म पार्टी है। कांग्रेस 21वीं सदी के भारत के निर्माण के लिए सभी फैसलों को खारिज कर देती है। यही कांग्रेस का इतिहास है। यह उनकी निगेटिव पॉलिटिक्स है।
PM बोले- कांग्रेस ने झूठ फैलाया कि परिसीमन से कुछ राज्यों को नुकसान होगा
प्रधानमंत्री ने कहा- ये महिलाएं देश की सेवा करना चाहती हैं लेकिन परिवारवादियों के भीतर असुरक्षा की भावना बैठी है। परिसीमन के बाद महिलाओं का कद बढ़ता इसलिए उन्होंने बिल का विरोध किया। देश की नारी शक्ति कांग्रेस और उसके साथी दलों के लिए पाप के लिए माफ नहीं करेगी।
PM ने कहा- कांग्रेस और उसके साथी दल परिसीमन पर लगातार झूठ बोल रहे हैं। ये इस बहाने विभाजन की आग को सुलगाना चाहते हैं। ये ‘बांटों और राज करो’ की पॉलिटिक्स अंग्रेजों से विरासत में लेकर आई है।
PM ने कहा- कांग्रेस ने हमेशा देश में दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी है। परिसीमन पर झूठ फैलाया कि कुछ राज्यों को नुकसान होगा। हमने स्पष्ट किया कि किसी राज्य का रिप्रेंजेंटशन कम नहीं होगा। फिर भी कांग्रेस, डीएमके, टीमएसी जैसे दल मानने को तैयार नहीं हुए।
PM ने कहा- कांग्रेस परजीवी की तरह दूसरे दलों के सहारे जिंदा
PM ने कहा- कांग्रेस खुद ही कई राज्यों में अपना वजूद खो चुकी है। वह परजीवी की तरह दूसरे दलों के सहारे जिंदा है। वे यह भी नहीं चाहते कि क्षेत्रीय दलों की ताकत बढ़े। इस बिल को रोककर उन्हें राजनीतिक षडयंत्र किया है। सभी विपक्ष इतने सालों से हर बार वही बहाने बनाते आए हैं। कोई न कोई पेंच फंसाकर महिलाओं के अधिकारों पर डाका डालते हैं।
मोदी ने कहा- देश उनका पैटर्न समझ चुका है। इस बिल के विरोध की बड़ी वजह है कि इन परिवारवादी पार्टियों का डर। इन्हें डर है कि महिला सशक्त हुई तो उनकी पार्टी खतरे में आ जाएगी। ये नहीं चाहेंगे कि उनके परिवार के बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें।
मोदी बोले- कांग्रेस ने अपना मुखैटा उतार दिया है
PM ने कहा- पूरा विपक्ष इस भ्रूणहत्या के गुनहगार हैं। ये देश के संविधान के अपराधी है। नारी शक्ति के अपराधी हैं। कांग्रेस महिला आरक्षण से ही नफरत करती है। उन्होंने हमेशा इसे रोका है। इस बार भी कांग्रेस और साथी दलों ने महिला आरक्षण को रोकने के एक के बाद एक नए झूठ का सहारा लिया।
PM मोदी ने कहा- कभी नंबरर्स को लेकर तो कभी किसी और तरह से, कांग्रेस और उसके साथियों ने देश को गुमराह किया। इन दलों ने भारत की नारी के सामने अपना असली चेहरा सामने ला दिया है। अपना मुखैटा उतार दिया है। मुझे पर्सनली आशा थी कि कांग्रेस दशकों पुरानी गलती सुधारेगी लेकिन कांग्रेस ने महिलाओं के पक्ष में खड़े होने का अवसर खो दिया।
PM बोले- कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सदन में भ्रूणहत्या की
PM ने कहा- यह कानून 40 साल से लटके हुए नारी के हक को 2029 के अगले लोकसभा चुनाव से उसका हक देने का संशोधन था। यह बिल नए अवसर, नई उड़ान देने, उसके सामने से बाधाएं हटाने का महायज्ञ था। देश की 50% यानी आधी आबादी को अधिकार देने का ईमानदारी से किया प्रयास था।
मोदी ने कहा- यह बिल समय की मांग है। यह उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम, सभी राज्यों की महिला शक्ति में समान बढ़ोतरी का प्रयास था। राज्य की आबादी कैसी भी हो सबकी समान अनुपात में शक्ति बढ़ाने की कोशिश थी। इस ईमानदार प्रयास की कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सदन में पूरे देश के सामने भ्रूणहत्या कर दी है।
