हमारे पास एक दिन का भी पेट्रोल नहीं, लेकिन भारत…पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री का छलका दर्द
By Ashish Meena
अप्रैल 29, 2026
पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण पाकिस्तान में ईंधन संकट की स्थिति बन गई है। पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा कि, देश के पास एक दिन के लिए भी रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार नहीं है।
पाकिस्तान के समा टीवी को दिए एक इंटरव्यू में, मलिक ने पाकिस्तान को परेशान कर रहे इस संकट की गंभीरता पर प्रकाश डाला और अफसोस जताया कि देश के पास केवल 5 से 7 दिनों का कमर्शियल कच्चा तेल भंडार है, जबकि इसकी तुलना भारत की स्थिति से की जाए तो भारत के पास कहीं ज्यादा भंडार है।
मलिक ने कहा, “हमारे पास कोई रणनीतिक तेल भंडार नहीं है, हमारे पास सिर्फ कमर्शियल भंडार हैं। उसमें भी हमारे पास पांच से सात दिनों का कच्चा तेल है, और तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के पास जो रिफाइंड उत्पाद है, वह केवल 20-21 दिनों तक चल सकता है। हम भारत की तरह नहीं हैं, जिसके पास 60-70 दिनों का भंडार है और जो सिर्फ एक दस्तखत से उसे जारी कर सकता है।”
युद्ध ने तेल भंडारण की कमियों को उजागर किया
उन्होंने आगे कहा कि, युद्ध के कारण पाकिस्तान में भंडारण क्षमता को मजबूत करने और दीर्घकालिक ऊर्जा तैयारियों को बेहतर बनाने की जरूरत को उजागर करने का काम किया है। इसको लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट भी जारी की गई है। इसमें पाकिस्तान के रणनीतिक भंडारों को कैसे चालू किया जा सकता है, उसपर विस्तार से जानकारी दी गई है।
मंत्री ने कहा कि, इस रिपोर्ट पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, क्योंकि इन तेल भंडारों को चालू करने में बहुत ज्यादा लागत आएगी, जो करोड़ों डॉलर तक हो सकती है। मलिक ने यह भी बताया कि ऐतिहासिक रूप से, दुबई के कच्चे तेल की कीमतें कभी भी 170 डॉलर जितनी ऊंची नहीं पहुंची थी। यह वैश्विक बाजारों में अत्यधिक अस्थिरता की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा कि शहबाज शरीफ की सरकार जनता की मुश्किलों को कम करने की कोशिश कर रही है और जहां भी संभव हो, सब्सिडी देने का प्रयास भी कर रही है।
भारत के मुकाबले पाकिस्तान बहुत पीछे
बता दें कि, भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारों (SPR) की कुल क्षमता 5.33 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) है, जो लगभग 36.92 मिलियन बैरल के बराबर है। इसके विपरीत, पाकिस्तान के पास समर्पित रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार नहीं हैं और उसके पास केवल सीमित कमर्शियल भंडार हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े जोखिमों के बीच इस्लामाबाद ने 90 दिनों तक के भंडार रखने की योजनाओं की घोषणा की है।
