खातेगांव: नेशनल मीडिया में छाया हरणगांव का लाउडस्पीकर विवाद, पंचायत के नोटिस पर मुस्लिम समाज ने जताई आपत्ति, खबर प्रकाशित करने वाले पत्रकार पर कार्रवाई की मांग क्यों?

By Ashish Meena
सितम्बर 21, 2025

Harangaon : देवास जिले की खातेगांव तहसील का हरणगांव इन दिनों लाउडस्पीकर विवाद को लेकर नेशनल मीडिया में छाया हुआ है। 16 सितंबर को ग्राम पंचायत द्वारा मस्जिदों के लाउडस्पीकर को नवरात्रि के 9 दिन बंद करने संबंधी जारी किए गए एक नोटिस ने क्षेत्र में नया विवाद खड़ा कर दिया है। यह मुद्दा अब केवल स्थानीय नहीं रहा, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता की बहस बन चुका है।

पंचायत नोटिस पर मुस्लिम समाज की कड़ी आपत्ति
ग्राम पंचायत हरणगाँव ने जो नोटिस जारी किया था, उसे मुस्लिम समाज ने असंवैधानिक करार दिया है। गुरुवार को बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने तहसीलदार अवधेश यादव को एसडीएम के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

मुस्लिम समाज से पूर्व जनपद सदस्य नूर भाई और अन्य प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि सरपंच और सचिव को धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर बंद कराने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेशों का हवाला देते हुए पंचायत के इस कदम को न्यायालयीन आदेशों का उल्लंघन बताया। समुदाय ने सरपंच और सचिव पर तत्काल कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि ऐसे एकतरफा नोटिस गाँव की सांप्रदायिक शांति को भंग कर सकते हैं।

मुस्लिम समाज के आवेदन की फोटो

सरपंच बोले-लोगों को होती है परेशानी
इस मामले पर सरपंच रावी रवि अग्रवाल ने मीडिया को बताया कि मस्जिद कमेटी के लोगों को पहले भी कई बार मौखिक रूप से तेज आवाज में लाउडस्पीकर न बजाने के लिए कहा गया था। पंचायत भवन में हुई बैठक में भी इस विषय पर चर्चा की गई थी। इसके बावजूद ग्रामीणों से तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नवरात्रि पर्व को देखते हुए ही यह नोटिस जारी किया गया है और इसमें किसी भी तरह की द्वेष भावना नहीं है।

आपत्तिजनक टिप्पणी पर FIR की मांग
इस विवाद के बाद सोशल मीडिया पर भी माहौल तेज़ी से बिगड़ा। पत्रकार शुभम मीणा द्वारा खबर प्रकाशित की गई उस खबर को सोशल मीडिया पर भी शेयर किया गया, पत्रकार शुभम मीणा की खबर पर सुरेश मीणा नामक एक यूज़र ने कथित तौर पर कमेंट में अल्लाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे मुस्लिम समुदाय का गुस्सा और भड़क गया। इसके बाद, खातेगांव के मुस्लिम समुदाय ने पुलिस को स्क्रीनशॉट के साथ आवेदन सौंपकर उस यूज़र और पत्रकार शुभम मीणा पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

सुरेश मीणा नामक यूज़र का कमेंट

पत्रकार भी निशाने पर: क्या खबर छापना भी ‘अपराध’ है?
मस्जिद लाउडस्पीकर विवाद की खबर प्रकाशित करने वाले पत्रकार शुभम मीणा पर भी कार्रवाई की मांग की गई है। मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पत्रकार पर कार्रवाई की मांग की है।

पत्रकारों ने इसे ‘लोकतंत्र के चौथे स्तंभ’ पर सीधा हमला बताया है। अब सवाल उठ रहा है कि क्या जनता तक सच और सही खबर पहुँचाना भी गलत है? पत्रकार शुभम मीणा ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए केवल तथ्य आधारित खबर प्रकाशित की, लेकिन उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई की मांग लोकतंत्र के लिए खतरा है। इसी कारण यह पूरा मामला आज नेशनल मीडिया में प्रमुखता से उठाया जा रहा है।

आगे ये भी पढ़ें :
Ashish Meena

Ashish Meena

ashish-meena

आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

»