बीच रास्ते एंबुलेंस का तेल खत्म, दो घंटे तड़पकर मरीज की मौत
By Ashish Meena
अप्रैल 24, 2026
बिहार में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ने एक बार फिर एक परिवार को ताउम्र का दर्द दे दिया। मरीजों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर तक पहुंचाने में वरदान साबित होने वाली जेन प्लस कंपनी द्वारा संचालित 102 एम्बुलेंस आज महज 25 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद ही दम तोड़ दी है, यानि एंबुलेंस का तेल ही खत्म हो गया, जिससे सड़क किनारे एंबुलेंस खड़ी हो गई।
इस दौरान बढ़ती तापमान और भीषण गर्मी का दंश झेलते हुए मरीज ने भी दो घंटे तक तड़प कर एम्बुलेंस में ही अंतिम सांसे छोड़ दी। नतीजतन दूसरी 102 एम्बुलेंस से शव को सदर वापस सदर अस्पताल लाया गया, उंसके बाद शव वाहन से मृतक को लेकर स्वजन घर के लिए रवाना हो गए।
चालक पर मनमानी और लापरवाही का आरोप
मामला सदर अस्पताल से जुड़ा है। घटना सिकंदरा- शेखपुरा मुख्य मार्ग पर मतासी के पास हुई है। मरीज झाझा प्रखंड क्षेत्र के बाबू बांक गांव निवासी 75 वर्षीय धीरज रविदास बताया जाता है। मामले को लेकर मृतक मरीज के पुत्र अजीत रविदास ने जेन प्लस कंपनी और चालक पर मनमानी और लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने इसकी शिकायत सिविल सर्जन, एसपी और डीएम से करने और एफआईआर भी दर्ज कराने की बात कही है।
बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया
उन्होंने कहा कि पिता धीरज रविदास की दो दिन पहले अचानक तबीयत खराब हुई थी। झाझा में ही प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल लाया गया था, जहां सिटी स्कैन जांच कराई गई थी रिपोर्ट में डाक्टर ने सिर में ब्लड जमे होने की बात कहकर बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया था। दोपहर 1:11 बजे एम्बुलेंस पटना के लिए खुली थी। इस दौरान सिकंदरा में चालक द्वारा 100 रुपया का तेल लिया गया था। उंसके बाद सिकंदरा से आगे मतासी के पास सुनसान इलाका में एंबुलेंस पहुंचते ही 1:40 मिनट में तेल खत्म हो गया। नतीजतन मरीज के साथ 102 एम्बुलेंस सड़क किनारे खड़ी हो गई।
कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कराई गई
अजीत दास ने आगे बताया कि जब चालक से पूछा गया तो चालक द्वारा थोड़ी देर में तेल लाने की बात कहा जाने लगा। इस दौरान कड़ी धूप और भीषण गर्मी के बीच 3:31 बजे पिता धीरज रविदास की तड़पकर मौत हो गई। इस दौरान पिता को बचाने के लिए एम्बुलेंस कर्मियों द्वारा कोई पहल नहीं की गई और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था कराई गई। बाद में दूसरी एंबुलेंस से पिता के शव को सदर अस्पताल लाया गया।
तेल खत्म होने के साथ ही एंबुलेंस का सारा सिस्टम हुआ ध्वस्त
102 एंबुलेंस का तेल खत्म होते ही एंबुलेंस में लगे सारे इंस्ट्रूमेंट व सुविधाएं ध्वस्त हो गई और 42 से 43 डिग्री तापमान के बीच एंबुलेंस खड़ी हो गई। नतीजतन न एसी की सुविधा मिली और न ही उपचार मिल सका और मरीज की मौत हो गई।
थोड़ी देर में तेल मिलने की बात कहकर दो घंटा तक झांसे में रखा चालक
मृतक के पुत्र अजीत रविदास ने बताया कि चालक द्वारा एंबुलेंस में तेल खत्म होने की जानकारी दी गई थी और थोड़ी देर में तेल मिलने की बात कहता रहा। चालक तेल लाने के लिए आटो से इधर से उधर आता जाता रहा लेकिन तेल नहीं है तो पटना कैसे पहुंचना है यह नहीं बताया। मेरे पास उतने पैसे थे कि जिससे तेल भरवा कर पटना पहुंचा जा सकता था लेकिन चालक टाल बटोल करता रहा।
पेट्रोलपंप पर तेल खत्म होने का बहाना कर एसीओ ने झाड़ा पल्ला
जेन प्लस कंपनी के एसीओ यानी जिला क्लस्टर लीडर नीतीश कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी हुई है। मैं रांची में हूं। संयोगवश ऐसी स्थिति सामने आई है। चालक के पास भारत पेट्रोलियम का कार्ड दिया हुआ था, भारत कंपनी के पेट्रोल पंप पर तेल उपलब्ध नहीं रहने की वजह से तेल नहीं मिल पाया है।
कार्ड से ही तेल लेने का प्रावधान है। जिस कंपनी का कार्ड मिलेगा उसी कंपनी के पेट्रोलपंप से तेल लेना है। बहरहाल इसकी सूचना कंपनी को आगे दी जाएगी, ऐसी नौबत दुबारा नहीं आए इसका खास ख्याल रखा जाएगा।
घटना की जानकारी मुझे नहीं है। एंबुलेंस में तेल खत्म होना यह बड़ी लापरवाही है। ऐसा नहीं हो सकता है। चालक को तेल लेकर ही पटना के लिए रवाना होना चाहिए था। इस मामले की जांच कराई जाएगी।- अशोक कुमार सिंह, सिविल सर्जन, जमुई।
