सरकार ने ‘लखपति बिटिया योजना’ का किया ऐलान, इन बेटियों को मिलेंगे 1 लाख रुपये, पुरानी लाडली योजना होगी बंद

By Ashish Meena
फ़रवरी 11, 2026

दिल्ली सरकार ने अपनी पहली वर्षगांठ के मौके पर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक नई योजना शुरू करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘लखपति बिटिया योजना’ की शुरुआत का ऐलान करते हुए पुरानी लाडली योजना को बंद करने की भी घोषणा कर दी है। इस योजना के तहत दिल्ली की बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक की पढ़ाई पूरी करने तक अलग-अलग समय पर कुल 56 हजार रुपये दिए जाएंगे। जब बेटी की पढ़ाई पूरी होकर योजना मैच्योर होगी, तो उसे 1 लाख रुपये की राशि मिलेगी।

क्या हैं योजना के मुख्य नियम?

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना का ऐलान करते हुए बताया कि इसका लाभ किन परिवारों को मिलेगा। योजना के मुताबिक एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही इस योजना का लाभ मिलेगा। केवल उन परिवारों की बेटियां पात्र होंगी जिनकी सालाना आय 1 लाख 20 हजार रुपये से कम या बराबर हो। अगर बेटी स्नातक पूरा करने से पहले शादी कर लेती है, तो उसे योजना का एक भी पैसा नहीं मिलेगा। सरकार इस योजना पर कुल 160 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

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लाडली योजना क्यों बंद हो रही है?

लाडली योजना बंद करने के पीछे का कारण बताते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, ‘लाडली योजना अगर ठीक से लागू की गई होती तो बहुत अच्छा होता। इस योजना के तहत बच्चियों को अलग-अलग समय पर 36 हजार रुपये दिए जाते थे, जो मैच्योर होने के बाद दिया जाना था। लेकिन कुल 1 लाख 86 हजार रुपये तक का पैसा लाडली तक पहुंच ही नहीं पाया। पिछले एक साल में हमने 30 हजार बच्चियों को ढूंढकर 90 करोड़ रुपये पहुंचाए हैं। अब 41 हजार बच्चियों को 100 करोड़ रुपये देने जा रहे हैं। अपनी सरकार के एक साल पूरा होने पर मैं 41 हजार लाडलियों को पैसे देने वाली हूं। मोदी जी की योजना ‘मेरी पूंजी मेरा अधिकार’ से मुझे इस काम की प्रेरणा मिली थी।’

कब से लागू होगी नई योजना?

बता दें कि पुरानी लाडली योजना 31 मार्च 2026 को बंद हो जाएगी। इसके साथ ही नई लखपति बिटिया योजना 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो जाएगी। इस योजना में घर की 2 बेटियों को पढ़ाई पूरी करने तक अलग-अलग समय पर कुल 56-56 हजार रुपये दिए जाएंगे। स्नातक पूरा करने के बाद मैच्योर होने पर उन्हें 1 लाख रुपये मिलेंगे। सरकार का मानना है कि इस योजना से न सिर्फ बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा बल्कि परिवार भी आर्थिक रूप से मजबूत होंगे।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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