मध्यप्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: गेहूं खरीदी पर मिलेगा इतने रुपए का बोनस, उड़द पर 600 रुपए देने की घोषणा, पंजीयन तिथि भी बढ़ाई
By Ashish Meena
मार्च 7, 2026
मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गेहूं खरीदी पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब किसान नई फसल की कटाई की तैयारी कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि यह निर्णय किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साझा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है और किसानों से चर्चा के बाद कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। सरकार चाहती है कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिले और उन्हें खेती में आर्थिक मजबूती मिल सके।
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उड़द खरीदी पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गेहूं के साथ-साथ उड़द की खरीदी पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की भी घोषणा की है। यह फैसला खास तौर पर उन किसानों के लिए महत्वपूर्ण है जो दलहन की खेती करते हैं।
सरकार का मानना है कि अगर किसानों को दलहन फसलों पर अच्छा लाभ मिलेगा तो वे ज्यादा मात्रा में इन फसलों की खेती करेंगे। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि राज्य में दलहन उत्पादन भी बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे उड़द की खेती को बढ़ावा दें ताकि उन्हें इस बोनस योजना का पूरा लाभ मिल सके और भविष्य में बेहतर उत्पादन भी हो सके।
गेहूं पंजीयन की तारीख बढ़ाई गई
कई किसानों की मांग को देखते हुए सरकार ने गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि भी बढ़ा दी है। पहले यह तिथि 7 मार्च निर्धारित की गई थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 10 मार्च कर दिया गया है।
सरकार का कहना है कि कई किसान समय पर पंजीयन नहीं कर पाए थे। ऐसे में उन्हें मौका देने के लिए यह निर्णय लिया गया है ताकि अधिक से अधिक किसान गेहूं खरीदी प्रक्रिया में शामिल हो सकें। इस फैसले से उन किसानों को राहत मिलेगी जो किसी कारणवश समय पर पंजीयन नहीं करा पाए थे।
किसानों को दिन में मिलेगी सिंचाई के लिए बिजली
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के लिए एक और महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। अक्सर किसान रात में बिजली मिलने के कारण खेतों में सिंचाई करते हैं, जिससे कई बार दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को दिन के समय बिजली मिले ताकि वे सुरक्षित तरीके से सिंचाई कर सकें। इससे किसानों को रात में खेतों में जाने की जरूरत कम होगी और खेती का काम भी अधिक सुविधाजनक हो सकेगा।
किसान कल्याण के लिए सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार लगातार ऐसी योजनाएं ला रही है जिससे किसानों की आय बढ़ सके और खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।
सरकार का मानना है कि कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए किसानों को मजबूत बनाना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से गेहूं खरीदी पर बोनस, उड़द पर अतिरिक्त राशि और बिजली सुविधा जैसे फैसले लिए गए हैं।
किसानों को कैसे मिलेगा इस योजना का लाभ
सरकार की इस योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जो गेहूं और उड़द की सरकारी खरीदी प्रक्रिया में पंजीयन कराएंगे। किसानों को अपने नजदीकी उपार्जन केंद्र या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंजीयन कराना होगा। इसके बाद उनकी फसल सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी और घोषित बोनस राशि भी दी जाएगी। सरकार का कहना है कि खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
किसानों में खुशी का माहौल
मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद राज्य के किसानों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। कई किसान संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। किसानों का कहना है कि बोनस मिलने से उन्हें फसल का बेहतर मूल्य मिलेगा और खेती में होने वाले खर्च की भरपाई करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे फैसलों से किसानों का उत्साह बढ़ता है और वे अधिक उत्पादन करने के लिए प्रेरित होते हैं।
खेती को लाभकारी बनाने की कोशिश
मध्य प्रदेश सरकार लगातार कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए नई योजनाएं ला रही है। सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिले और खेती एक लाभकारी व्यवसाय बन सके। गेहूं खरीदी पर बोनस और उड़द पर अतिरिक्त राशि देने का फैसला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे राज्य में खेती को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
