भारत में 6G को लेकर तैयारी हुई तेज, सरकार ने किया बड़ा निवेश का ऐलान, 5G से कई गुना तेज चलेगा इंटरनेट

By Ashish Meena
मार्च 14, 2026

भारत में इंटरनेट की दुनिया जल्द ही एक नई क्रांति देखने वाली है। जिस तरह कुछ साल पहले 4G से 5G तक का सफर लोगों के लिए बड़ा बदलाव लेकर आया, उसी तरह अब 6G टेक्नोलॉजी को लेकर तैयारी शुरू हो चुकी है। सरकार इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है ताकि आने वाले समय में भारत दुनिया के उन देशों में शामिल हो सके जो सबसे पहले 6G इंटरनेट सर्विस शुरू करेंगे।

केंद्रीय संचार राज्यमंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए बताया कि भारत में 6G को लेकर रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार ने “भारत 6G विजन डॉक्यूमेंट” जारी किया है, जो आने वाले वर्षों में 6G टेक्नोलॉजी के विकास और उपयोग के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार करेगा।

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6G टेक्नोलॉजी के लिए सरकार का बड़ा निवेश

भारत में 6G टेक्नोलॉजी को विकसित करने के लिए सरकार ने बड़ा आर्थिक समर्थन देने का फैसला किया है। केंद्रीय संचार राज्यमंत्री के अनुसार, टेलीकॉम टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फंड (TTDF) स्कीम के तहत 104 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इन प्रोजेक्ट्स के लिए लगभग 271 करोड़ रुपये का निवेश स्वीकृत किया गया है।

दूरसंचार विभाग की इस योजना का उद्देश्य भारत में स्वदेशी टेलीकॉम तकनीक को बढ़ावा देना है। इस फंड का इस्तेमाल 6G रिसर्च, टेस्टबेड तैयार करने, नई तकनीकों के विकास और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।

सरकार चाहती है कि भारत केवल नई तकनीक का उपयोग करने वाला देश न बने, बल्कि उसे विकसित करने वाला देश भी बने। इसी कारण 6G टेक्नोलॉजी के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

5G से कई गुना तेज इंटरनेट

आज के समय में 5G इंटरनेट को दुनिया की सबसे तेज मोबाइल नेटवर्क तकनीक माना जाता है, लेकिन 6G टेक्नोलॉजी इससे भी कई गुना आगे होगी। रिसर्च रिपोर्ट्स के अनुसार 6G नेटवर्क में इंटरनेट स्पीड 5G के मुकाबले लगभग 10 गुना तक ज्यादा हो सकती है।

इसका मतलब यह है कि भविष्य में इंटरनेट का उपयोग और भी तेज और आसान हो जाएगा। बड़ी-बड़ी फाइलें कुछ ही सेकंड में डाउनलोड हो सकेंगी और ऑनलाइन सेवाएं पहले से ज्यादा तेज और बेहतर होंगी।

6G टेक्नोलॉजी आने के बाद कई नई तकनीकों का विकास भी तेज होगा। जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्मार्ट सिटी, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और वर्चुअल रियलिटी जैसी तकनीकों को और ज्यादा ताकत मिलेगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और संचार के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

भारत 6G विजन डॉक्यूमेंट से तय होगा भविष्य का रोडमैप

भारत सरकार ने हाल ही में “भारत 6G विजन डॉक्यूमेंट” जारी किया है। यह दस्तावेज 6G टेक्नोलॉजी के विकास के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तय करता है।
इस विजन डॉक्यूमेंट में बताया गया है कि 6G टेक्नोलॉजी के लिए स्पेक्ट्रम को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा। पहला चरण शॉर्ट टर्म यानी 2025-26 का होगा। दूसरा चरण मीडियम टर्म यानी 2027 से 2030 तक चलेगा। तीसरा चरण लॉन्ग टर्म यानी 2031 से 2035 तक के लिए होगा।

इन चरणों के दौरान 6G टेक्नोलॉजी से जुड़े अलग-अलग प्रयोग और टेस्ट किए जाएंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जब 6G सर्विस लॉन्च हो तो वह पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी तरीके से काम करे।

6G टेक्नोलॉजी के लिए स्पेक्ट्रम की उपलब्धता, एंटिना टेक्नोलॉजी, नेटवर्क आर्किटेक्चर और भविष्य के मोबाइल सिस्टम पर भी इस विजन डॉक्यूमेंट में खास ध्यान दिया गया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की बढ़ती भूमिका

6G टेक्नोलॉजी केवल भारत के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए भविष्य की इंटरनेट तकनीक मानी जा रही है। इसी वजह से कई देश इस दिशा में रिसर्च कर रहे हैं। भारत भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय रूप से 6G से जुड़ी चर्चाओं में हिस्सा ले रहा है। इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) जैसे वैश्विक संगठनों की स्टडी के आधार पर भारत अपना तकनीकी ढांचा तैयार कर रहा है।

इसका उद्देश्य यह है कि भारत भविष्य की मोबाइल तकनीक में पीछे न रहे बल्कि अग्रणी देशों में शामिल हो सके। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी हाल ही में आयोजित मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस के दौरान कहा था कि भारत 6G टेक्नोलॉजी के विकास में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत उन देशों में शामिल होगा जो सबसे पहले 6G इंटरनेट सर्विस शुरू करेंगे।

2030 तक 6G लॉन्च करने का लक्ष्य

भारत सरकार ने 2030 तक देश में 6G सर्विस शुरू करने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दौरान इस लक्ष्य का जिक्र किया था।सरकार का मानना है कि यदि अभी से रिसर्च और तकनीकी विकास पर ध्यान दिया जाए तो आने वाले समय में भारत 6G टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व हासिल कर सकता है।

इस दिशा में विश्वविद्यालयों, रिसर्च संस्थानों और निजी कंपनियों को भी शामिल किया जा रहा है। इससे नई तकनीकों के विकास में तेजी आएगी और भारत में टेलीकॉम सेक्टर और मजबूत होगा।

6G टेक्नोलॉजी का आम लोगों पर क्या होगा असर

6G टेक्नोलॉजी आने के बाद इंटरनेट की दुनिया पूरी तरह बदल सकती है। तेज इंटरनेट स्पीड के कारण ऑनलाइन सेवाएं पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएंगी। भविष्य में स्मार्ट सिटी, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट और डिजिटल हेल्थ सेवाएं और बेहतर तरीके से काम कर पाएंगी। दूर-दराज के इलाकों में भी बेहतर इंटरनेट सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल पेमेंट, वीडियो कॉलिंग और वर्चुअल मीटिंग जैसी सेवाओं में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। 6G टेक्नोलॉजी के कारण उद्योगों में ऑटोमेशन बढ़ेगा और नई तकनीकी नौकरियां भी पैदा होंगी।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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