पुलिसकर्मियों की छुट्टियां कैंसिल, गैस एजेंसियों के पास होंगे तैनात, कालाबाजारी रोकने की जिम्मेदारी

By Ashish Meena
मार्च 14, 2026

दिल्ली में इन दिनों LPG गैस सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। कई इलाकों में गैस सिलेंडर की अनियमित सप्लाई की शिकायतें सामने आ रही हैं। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों में गैस को लेकर बेचैनी दिखाई दे रही है। इसी स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने बड़ा फैसला लिया है।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने और गैस वितरण को सुचारु रखने के लिए दिल्ली पुलिस के जवानों की रूटीन छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। इतना ही नहीं, कई इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि भीड़, कालाबाजारी और अव्यवस्था जैसी स्थिति को रोका जा सके।

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दिल्ली में LPG सप्लाई को लेकर बढ़ी सतर्कता

राजधानी दिल्ली में LPG सप्लाई की समस्या सामने आने के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। कई जगहों से यह शिकायत मिली थी कि गैस एजेंसियों के बाहर भारी भीड़ लग रही है और लोग जल्दी सिलेंडर लेने के लिए परेशान हो रहे हैं।

इस स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। कई गैस एजेंसियों के बाहर पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है ताकि गैस वितरण के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी से गैस एजेंसियों पर व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी और लोगों को भी सुरक्षित तरीके से सिलेंडर मिल सकेगा।

दिल्ली पुलिस की छुट्टियां रद्द करने का आदेश

दिल्ली पुलिस के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ऑपरेशंस) की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि पुलिस कर्मियों की रूटीन छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी गई हैं। 12 मार्च को जारी इस आदेश में सभी जिलों और यूनिट्स को निर्देश दिया गया है कि फिलहाल किसी भी कर्मचारी को नियमित छुट्टी न दी जाए।

हालांकि, यदि किसी कर्मचारी के पास कोई वास्तविक आपात स्थिति हो तो उसे छुट्टी दी जा सकती है। लेकिन इसके लिए सही वेरिफिकेशन और सक्षम अधिकारी की अनुमति जरूरी होगी। इस आदेश का उद्देश्य साफ है कि मौजूदा स्थिति में दिल्ली पुलिस पूरी तरह सक्रिय रहे और किसी भी तरह की अव्यवस्था को तुरंत नियंत्रित किया जा सके।

गैस एजेंसियों के बाहर तैनात की गई पुलिस

LPG सप्लाई को लेकर बढ़ती भीड़ और शिकायतों के बाद पुलिस ने कई गैस एजेंसियों के बाहर विशेष व्यवस्था की है। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस की PCR वैन, मोटरसाइकिल पेट्रोल यूनिट और सादे कपड़ों में पुलिस टीमों को भी तैनात किया गया है। इनका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गैस सिलेंडर का वितरण सही तरीके से हो और कोई भी व्यक्ति इसका गलत फायदा न उठा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि कहीं भी कालाबाजारी या जमाखोरी की शिकायत मिलती है तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

कालाबाजारी और पैनिक बाइंग की शिकायतें

दिल्ली के कुछ इलाकों से यह शिकायत भी सामने आई है कि गैस सप्लाई की कमी की वजह से कुछ लोग सिलेंडर जमा करने लगे हैं। इस स्थिति को पैनिक बाइंग कहा जाता है, जिसमें लोग जरूरत से ज्यादा सामान खरीद लेते हैं। इसके अलावा कुछ जगहों पर गैस सिलेंडर को ज्यादा कीमत पर बेचने की शिकायत भी मिली है। इसी वजह से प्रशासन ने गैस एजेंसियों पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी है ताकि ऐसी गतिविधियों को तुरंत रोका जा सके।

स्टेशन हाउस ऑफिसर्स को दिए गए विशेष निर्देश

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी स्टेशन हाउस ऑफिसर्स को भी खास निर्देश दिए हैं। उन्हें अपने इलाके की सभी गैस एजेंसियों की सूची तैयार करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि गैस एजेंसियों के आसपास पुलिस की नियमित निगरानी बनी रहे। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि गैस वितरण के दौरान कोई भी अव्यवस्था या गैरकानूनी गतिविधि न हो।

लोग वैकल्पिक विकल्प अपना रहे हैं

गैस सप्लाई में रुकावट की वजह से कई घरों और व्यवसायों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर रेस्टोरेंट और छोटे होटल गैस सप्लाई पर निर्भर होते हैं। जब गैस समय पर नहीं मिलती तो उनके काम पर भी असर पड़ता है। इसी वजह से कई लोगों ने अब वैकल्पिक विकल्प अपनाने शुरू कर दिए हैं।
कुछ घरों ने पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG का इस्तेमाल बढ़ा दिया है। वहीं कई लोग इंडक्शन कुकिंग का भी उपयोग करने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में ऐसे विकल्पों की मांग और बढ़ सकती है।

गैस सप्लाई की समस्या का क्या असर पड़ सकता है

यदि LPG सप्लाई की समस्या लंबे समय तक जारी रहती है तो इसका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। रसोई गैस हर घर की जरूरत होती है और इसकी कमी से घरों में खाना बनाना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट जैसे व्यवसायों पर भी इसका सीधा असर पड़ता है। इसी वजह से प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि गैस वितरण सही तरीके से होता रहे और लोगों को ज्यादा परेशानी न हो।

 

 

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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