इंदौर में खाकी पर दाग, कॉल डिटेल बेचने के शक में दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार, ATS की कार्रवाई से मचा हड़कंप
By Ashish Meena
अप्रैल 10, 2026
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां लोगों की निजी जानकारी की सुरक्षा करने वाली पुलिस ही अब संदेह के घेरे में आ गई है। एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) बेचने के शक में क्राइम ब्रांच के एक एएसआई और एक सिपाही को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और दोनों से लगातार पूछताछ जारी है।
CDR सौदेबाजी का खुलासा, ATS ने दबोचा
सूत्रों के अनुसार, ATS को एक डिटेक्टिव एजेंसी के संचालक की कॉल डिटेल की जांच के दौरान कुछ संदिग्ध कनेक्शन मिले। जांच में जब ये नंबर पुलिसकर्मियों से जुड़े पाए गए, तो टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
ASI राम और सिपाही रविंद्र गिरफ्त में, पूछताछ जारी
गिरफ्तार पुलिसकर्मियों में एएसआई राम और सिपाही रविंद्र शामिल हैं। दोनों को ATS मुख्यालय लाकर पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि रविंद्र क्राइम ब्रांच में निरीक्षक विष्णु वास्कले के अधीन काम करता था। अब यह जांच का अहम हिस्सा है कि यह अवैध काम कब से और किन लोगों के साथ मिलकर किया जा रहा था।
टावर लोकेशन से ट्रैकिंग, महाराष्ट्र जाते वक्त पकड़े गए
जानकारी के मुताबिक, एएसआई राम एक अन्य पुलिसकर्मी के साथ महाराष्ट्र जा रहा था, तभी ATS ने टावर लोकेशन के आधार पर उसे ट्रैक कर रास्ते में ही गिरफ्तार कर लिया। वहीं सिपाही रविंद्र को उसके घर से पकड़ा गया।
डिटेक्टिव एजेंसी से कनेक्शन, मोटी रकम में बिक रही थी निजी जानकारी?
प्रारंभिक जांच में डिटेक्टिव एजेंसी संचालक मुकेश तोमर से दोनों का संपर्क सामने आया है। आशंका है कि लोगों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड मोटी रकम लेकर बेची जा रही थी। अगर यह सच साबित होता है, तो यह सीधे तौर पर आम लोगों की निजता के साथ खिलवाड़ है।
पूरे नेटवर्क पर ATS की नजर, बड़े खुलासों की उम्मीद
ATS अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों को शक है कि इस रैकेट में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। आने वाले समय में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
