मप्र में मुफ्त स्कूटी योजना के नियमों में बड़ा बदलाव, अब 70 प्रतिशित अंक लाना अनिवार्य
By Ashish Meena
जुलाई 27, 2026
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 12वीं कक्षा में टॉप करने वाले विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। राज्य सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने मुफ्त स्कूटी योजना के नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। नए नियमों के तहत अब केवल उन्हीं स्कूल टॉपर्स को स्कूटी मिलेगी, जिन्होंने 12वीं बोर्ड परीक्षा में कम से कम 70 प्रतिशित या उससे अधिक अंक हासिल किए हों।
पहले 60 प्रतिशत अंक वालों को भी मिलता था लाभ
शिक्षा विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनसार स्कूटी पात्रता की न्यूनतम कट ऑफ प्रतिशत को बढ़ा लिया गया है। इससे पहले सरकारी स्कूलों के 12वीं के वे टॉपर विद्यार्थी भी स्क्टू पाने के पात्र होते थे, जिनके बोर्ड परीक्षा में 60 फीसदी अंक आते थे। अब नियम बदल दिए गए हैं। अब अगर कोई विद्यार्थी अपने स्कूल में टॉप भी करता है लेकिन उसके अंक 70 प्रतिशत से कम हैं तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
हर साल 7800 विद्यार्थियों को मिलती है स्कूटी
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों के बच्चों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना बढ़ाना और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत प्रदेश भर के उच्च माध्यमिक सरकारी स्कूलों में 12वीं की परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं स्कूटी खरीदने के लिए राशि दी जाती है। मध्य प्रदेश में हर वर्ष औसतन 7,800 मेधावी विद्यार्थियों को इस योजना के तहत स्कूटी प्रदान की जाती है।
