मध्यप्रदेश में मूंग-उड़द के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, केंद्र सरकार ने लिया बड़ा फैसला, शिवराज सिंह चौहान ने दी जानकारी
By Ashish Meena
अगस्त 4, 2026
मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर जारी ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की खरीदी को सुविधाजनक बनाने के लिए लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। केंद्रीय कृषि विभाग ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश में जिन किसानों का आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट) बार-बार विफल हो रहा है, उनके लिए विशेष छूट दी गई है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इसके तहत किसान अपनी उपज नामित प्रतिनिधि (नॉमिनी) के माध्यम से भी बेच सकेंगे, लेकिन भुगतान सिर्फ रजिस्टर्ड किसान के बैंक खाते में ही किया जाएगा। उन्होंने आह्वान किया है कि तकनीकी कारणों से कोई भी पात्र किसान अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने से वंचित न रहे।
नॉमिनी के खातों में नहीं होगा भुगतान
– किसान का सत्यापन और फोटो अनिवार्य होगा।
– प्रतिनिधि का OTP/e-KYC और बायोमेट्रिक सत्यापन भी जरूरी होगा।
– खरीदी का पूरा भुगतान सिर्फ किसान के पंजीकृत बैंक खाते में ही जाएगा।
– किसी भी परिस्थिति में प्रतिनिधि के खाते में भुगतान नहीं होगा।
– ये सुविधा सिर्फ वास्तविक और विशेष परिस्थितियों में लागू होगी।
नॉमिनी को सिर्फ एक बार के लिए मिलेगी यह छूट
कृषि विभाग ने निर्देश जारी किए कि जिन रजिस्टर्ड किसानों का आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण विफल हो रहे हैं, उन किसानों के नॉमिनी के जरिए मूंग या उड़द बेचने की अनुमति दी जाए। यह छूट सिर्फ एक बार मिलेगी। यह छूट केवल तभी लागू होगी जब किसान अपनी उपज बेचने के लिए खरीद केंद्र पर खुद मौजूद हो। सबसे पहले किसान के आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के सभी अनुमत प्रयासों का उपयोग कर लिया जाएगा।
कई रजिस्टर्ड किसानों के फिंगरप्रिंट मैच नहीं हो रहे
समर्थन मूल्य योजना के तहत ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द बेचने वाले अधिकांश किसानों के आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो रहा है। खासकर वो किसान अपनी उपज नहीं बेच पा रहे हैं, जिनके फिंगरप्रिंट मैच नहीं हो रहे हैं। केंद्रीय नोडल एजेंसियों के परामर्श पर कृषि विभाग ने जांच करवाई थी।
खरीद केंद्र पर संबंधित किसान की मौजूदगी जरूरी
बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण विफल रहने पर खरीद केंद्र पर किसान की सहमति से उसकी वास्तविक समय की तस्वीर ली जाएगी और किसान के आधार विवरण से सत्यापित की जाएगी। किसान की पहचान के सफल सत्यापन के बाद ही, किसान को एक प्रतिनिधि को नामित करने की अनुमति दी जाएगी। यह प्रोसेस ऑनलाइन सिस्टम-जनरेटेड खरीद केंद्र स्तर के नामित व्यक्ति आवेदन पत्र के माध्यम से होगी।
