पेट्रोल के बाद गैस में मिलावट की तैयारी, मोदी कैबिनेट में प्रस्ताव को मिली मंजूरी
By Ashish Meena
अगस्त 7, 2026
केंद्र सरकार एथेलनॉल ब्लेंडिंग पेट्रोल के बाद CNG-PNG में बायोगैस मिलाकर नई कुकिंग गैस लेकर आएगी. इसके लिए सरकार ने एक स्कीम बनाई है, जिसके प्रस्ताव को मोदी कैबिनेट में अप्रूव कर दिया है. योजना को ‘गोबरधन’ नाम दिया गया है, जिसके तहत CNG-PNG में 5 फीसदी बायोगैस की ब्लेंडिंग करने की योजना है. अगर यह गैस बन गई तो लोगों को LPG, CNG, PNG गैस का ऑप्शन मिल जाएगा. फिर लोगों को गैस सिलेंडर खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि वे घर में खुद ही गैस बना सकेंगे. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोगों का खर्चा कम हो जाएगा.
23731 करोड़ रुपये की गोबरधन योजना मंजूर
केंद्र सरकार ने हाल ही में गहराएं LPG संकट के मद्देनजर बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना बनाई है. इसके लिए ही ‘गोबरधन’ स्कीम बनाई गई है, जो करीब 23731 करोड़ रुपये की योजना है, जिसे अगले 10 साल में लागू करने का लक्ष्य है. इस स्कीम के तहत ही CNG-PNG में 5 फीसदी बायोगैस मिक्स करने का प्लान है. PM मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसके बारे में जानकारी दी और बताया कि स्कीम के तहत कृषि अपशिष्ट, गोबर, जैविक कचरे और बायोमास को स्वच्छ ईंधन यानी जैविक खाद में बदला जाएगा.
बायोगैस उत्पादन को 10 गुना बढ़ाना मकसद
स्कीम के तहत कुकिंग गैस सप्लाई करेन वाली कंपनियां बायोगैस खरीदेंगी. वित्त वर्ष 2026-27 में 3 प्रतिशत, 2027-28 में 4 प्रतिशत और 2028-29 से 5 प्रतिशत बायोगैस CNG-PNG में मिलाई जाएगी. गोबरधन योजना का मकसद देश में बायोगैस के उत्पादन को 10 गुना बढ़ाकर एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करना है. केंद्र सरकार आगामी 10 अगस्त को वर्ल्ड बायोफ्यूल डे पर गोबरधन स्कीम का ऐलान कर सकती है. इसके बाद देश के बायोगैस सेक्टर में बड़ा निवेश होने और नए प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. देशभर में 600 से 700 बायोगैस प्लांट लगाए जाने की योजना भी है.
गोबरधन स्कीम और बायोगैस के ये फायदे
बता दें कि गोबरधन स्कीम के तहत काम करने वाली कंपनियों को ज्यादा सब्सिडी देने का प्रस्ताव है, ताकि नए निवेशक इस सेक्टर में आने के लिए प्रोत्साहन हों. क्योंकि अगर कंपनियों को इन्वेस्टमेंट का अच्छा रिटर्न मिलेगा तो वे तेजी से नए बायोगैस प्लांट लगाएंगी, जिससे देश में बायोगैस का उत्पादन बढ़ेगा और CNG-PNG में इसकी सप्लाई आसान होगी. केंद्र सरकार ने 8 साल पहले SATAT योजना शुरू की थी, जिसका मकसद देशभर में 5000 बायोगैस प्लांट लगाना था. लेकिन 219 प्लांट ही चालू हो पाए हैं. इसलिए गोबरधन स्कीम के तहत एक साल में 600 से 700 नए बायोगैस प्लांट लगाए जाएंगे.
