इंदौर के हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद हंगामा, गुस्साए परिजन ने ICU में की तोड़फोड़, नर्सों को छिपना पड़ा, स्टाफ-गार्ड ने भागकर बचाई जान
By Ashish Meena
अगस्त 26, 2026
इंदौर के सरकारी सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल में मंगलवार शाम को 60 वर्षीय मरीज ताहिरा कपाड़िया की मौत हो गई। गुस्साए परिजन ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से विवाद शुरू कर दिया।
मामला बढ़ने पर परिवार के एक युवक ने मारपीट शुरू कर दी। उसने आईसीयू में रखे जीवन रक्षक उपकरण उठाकर फेंक दिए। घटना शाम करीब 7 बजे अस्पताल की छठी मंजिल स्थित आईसीयू में हुई। अचानक हुए हंगामे से ICU में भर्ती दूसरे मरीजों और उनके परिजनों में भी दहशत फैल गई। स्थिति बिगड़ने पर मेडिकल स्टाफ को अपनी सुरक्षा के लिए ICU से बाहर निकलना पड़ा। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया गया।
अस्पताल सुपरिंटेंडेट भी ICU में जाने को तैयार
हंगामे के बाद काफी देर तक डेडबॉडी ICU में ही रखी रही। इस बीच परिजन और डॉक्टर के बीच पुलिस गतिरोध सुलझाने की कोशिश करती रही। लेकिन, हंगामे और मारपीट से डरे डॉक्टर, नर्स और पैरा मेडिकल स्टाफ ने आईसीयू में जाने से इनकार कर दिया। वहीं, अस्पताल के सुपरिटेंडेट डॉ. डीके शर्मा भी जाने को तैयार नहीं है।
काफी देर तक दोनों पक्षों से बातचीत के बाद तय हुआ कि 5 परिजन पुलिस की मौजूदगी में डाॅक्टर के साथ आईसीयू ICU में जाएंगे। दूसरी ओर, सिक्योरिटी स्टाफ ने अस्पताल के गेट के बाहर मीडिया को रोक दिया। अंदर के विजुअल्स बनाने से मना किया गया। यही नहीं आईसीयू के कांच पर कागज भी चिपका दिए गए।
पहले से गंभीर थी मरीज की हालत
जिस मरीज की मौत हुई, उसकी हालत शुरुआत से ही गंभीर थी। उसे इलाज के लिए सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल के ICU में भर्ती किया था। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था, लेकिन मंगलवार शाम उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और उन्होंने इलाज को लेकर डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ से विवाद शुरू कर दिया।
विवाद बढ़ा तो डॉक्टर से मारपीट
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शुरुआत में डॉक्टरों ने परिजन को समझाने की कोशिश की। इसके बाद परिजन और मेडिकल स्टाफ के बीच कहासुनी हुई। कुछ देर में विवाद बढ़ गया और परिवार का एक युवक डॉक्टरों से मारपीट करने लगा। इसके बाद उसने ICU यूनिट में रखे कुछ मेडिकल उपकरण भी उठाकर फेंक दिए। अचानक हुई इस घटना से ICU में मौजूद मेडिकल स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई।
स्टाफ जान बचाकर बाहर निकला, मरीजों में दहशत
हंगामा और मारपीट बढ़ने पर मेडिकल स्टाफ अपनी सुरक्षा के लिए ICU से नीचे की ओर निकल गया। वहीं ICU में भर्ती अन्य मरीजों और उनके परिजन भी घबरा गए। अस्पताल के संवेदनशील ICU क्षेत्र में इस तरह हंगामा होने से कुछ समय के लिए वहां उपचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई।
परिवार ने लगाए आरोप
बेटे मोईज ने बताया कि उनकी मां 60 वर्षीय ताहिरा कपाड़िया को पिछले रविवार को एमवाय मे दिल मे परेशानी के चलते भर्ती किया गया। यहां डॉक्टरों ने हार्ट में ब्लॉकेज बताया। इसके बाद करीब चार दिन पहले उन्हे ऑपरेशन के लिए सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल लेकर आए थे। यहां डॉक्टरों ने स्टेंट डलवाने की बात कही थी।
मंगलवार शाम आपरेशन करने को लेकर गए थे। वह स्वस्थ थी ओर सबसे बात करके गई थी। ऑपरेशन थियेटर में करीब 20 मिनट हुए थे। डॉक्टर बाहर आए और इमरजेंसी होने की बात की। वही निकलकर चले गए। तब उनकी सांसें चल रहीं थी। तभी अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ के दो लोगों ने उन्हे सीपीआर दिया। कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई।
पुलिस मौके पर पहुंची, स्थिति संभाली
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल पहुंची। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हंगामा कर रहे लोगों को नियंत्रित किया और अस्पताल परिसर में स्थिति संभाली। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। मरीज की मौत के कारण, परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप और मारपीट व तोड़फोड़ करने वाले युवक की भूमिका को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
ICU में सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
घटना के बाद अस्पताल के ICU जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। सवाल यह है कि बाहरी लोग ICU तक कैसे पहुंचे और वहां मौजूद मेडिकल उपकरणों तक उनकी पहुंच कैसे हुई। अस्पताल में हर फ्लोर, यूनिट में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इसके अलावा पर्याप्त सुरक्षा गार्ड हैं। इसके बावजूद ऐसी घटना हो गई। मरीज की मौत के बाद परिजनों का आक्रोश अपनी जगह है, लेकिन ICU में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ मारपीट तथा उपकरणों को नुकसान पहुंचाने की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
