नेपाल में बाढ़ ने मचाई भारी तबाही, 168 लोगों की मौत, 133 भारतीय समेत 750 से अधिक लोग लापता, भारत ने भेजी 35 टन राहत सामग्री की दूसरी खेप

By Ashish Meena
अगस्त 27, 2026

नेपाल में कल बुधवार की सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई है। नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ में 168 लोगों की मौत हो गई। बाढ़ की वजह से 133 भारतीय नागरिक समेत 750 से अधिक लोग लापता हैं। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड समेत कई देशों के भी नागरिक लापता हैं। तबाही इस कदर रही कि घर, सड़क और पुल सब बह गए।

राहत और बचाव टीमें खराब मौसम और टूटे रास्तों के बीच मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रही हैं। नेपाली सेना ने रसुवा के टिमुरे से आज सुबह 116 लोगों को सुरक्षित निकाला है। इनमें 95 नेपाली और 21 भारतीय नागरिक शामिल हैं।

बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक हताहत

जिस इलाके में यह प्राकृतिक आपदा आई है वह तीर्थयात्रियों और ट्रेकर्स के बीच काफी लोकप्रिय है। ऐसे में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों के हताहत होने की संभावना है। चीन के सरकारी मीडिया ने तिब्बत में, 3 लोगों के मारे जाने और 265 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है। तिब्बत से आए कई CCTV फुटेज में पानी और कीचड़ की एक लहर को बॉर्डर क्रॉसिंग पर बनी इमारतों से टकराते हुए देखा जा सकता है।

संकट में भारत ने निभाई दोस्ती

नेपाल में तिब्बत सीमा के पास आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद भारत ने राहत और बचाव के लिए मदद तेज कर दी है। भारत अब दिल्ली के हिंडन एयरबेस से C-17 सैन्य परिवहन विमान के जरिए 35 टन से ज्यादा राहत सामग्री नेपाल भेजने जा रहा है। यह राहत अभियान भारत की तरफ से भेजी जा रही अतिरिक्त मानवीय सहायता का हिस्सा है। भारत ने बुधवार रात राहत सामग्री की पहली खेप नेपाल भेजी थी। भारतीय वायुसेना के C-130J विमान से करीब 10 टन मानवीय सहायता और जरूरी मेडिकल सामान काठमांडू पहुंचाया गया। इसमें अस्थायी आश्रय, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाइयां शामिल थीं।

पीएम मोदी ने नेपाली पीएम से की बात

राहत सामग्री भेजने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात की थी। पीएम मोदी ने नेपाल के लोगों के प्रति एकजुटता जताते हुए हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि भारत की टीमें नेपाल में राहत और बचाव प्रयासों के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ करीबी समन्वय कर रही हैं।

आगे भी जारी रहेगा राहत अभियान

भारतीय वायुसेना ने बताया कि C-17 और C-130 विमानों के जरिए आगे भी राहत सामग्री भेजी जाएगी। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टरों को रेस्क्यू और इवैक्यूएशन ऑपरेशन के लिए तैयार रखा गया है। नेपाल में भारतीय दूतावास भी राहत प्रयासों में सहयोग कर रहा है। बुधवार को भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खड्का राज पौडेल को 10 टन मानवीय सहायता सामग्री सौंपी। भारत ने स्पष्ट किया है कि इस मुश्किल वक्त में वह नेपाल के साथ खड़ा है और राहत एवं बचाव के लिए हर संभव मदद जारी रखेगा।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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