खातेगांव तहसील के कई किसानों से लाखों की ठगी, कंपनी ने 3 हजार चंदन के पौधे लगवाए, हर पेड़ के बदले 40 हजार देने का झांसा देकर भागे कर्मचारी, हरणगांव थाने में आवेदन
By Ashish Meena
सितम्बर 16, 2026
मालवा जंक्शन, खातेगांव।
देवास जिले की खातेगांव तहसील के कई किसानों के साथ चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ठगों ने किसानों को कुछ ही महीनों में बंपर भुगतान शुरू होने और आठ साल में हर पेड़ के बदले 40 हजार रुपए मिलने का झांसा देकर लाखों रुपए ठग लिए और फरार हो गए। इस मामले में मंगलवार को सातागांव निवासी किसान बलराम जाट सहित अन्य पीड़ित किसानों ने हरणगांव थाना पहुंचकर पुलिस को लिखित आवेदन सौंपा है।
‘हरियाली बायो प्लांटेक लिमिटेड’ के नाम पर जालसाजी
पीड़ित किसानों ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि राजस्थान और उत्तर प्रदेश के दो युवक खुद को ‘हरियाली बायो प्लांटेक लिमिटेड’ कंपनी से जुड़ा हुआ बता रहे थे। आरोपियों की पहचान प्रमोद जाट (निवासी डिग, भरतपुर, राजस्थान) और मोहित जाट (निवासी वजना, मथुरा, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।

ये दोनों युवक खातेगांव में किराए का मकान लेकर रह रहे थे और वहीं से आसपास के गांवों में सक्रिय थे। उन्होंने किसानों को चंदन की खेती से बंपर कमाई का सपना दिखाया और कई गांवों में कुल मिलाकर करीब 3 हजार पौधे लगवा दिए।

किसानों को कैसे दिया झांसा?
किसानों को अपने जाल में फंसाने के लिए आरोपियों ने बड़े लुभावने वादे किए थे। आरोपियों ने एक चंदन का पौधा 270 रुपए में देने की बात कही थी। साथ ही खाद-दवाइयां मुफ्त देने और पौधा खराब होने पर नया पौधा उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया था। किसानों से कहा गया था कि पौधे लगाने के मात्र तीन महीने बाद से ही कंपनी हर पौधे पर 1 हजार रुपए का भुगतान शुरू कर देगी, जो पांच साल तक हर छह महीने में मिलना था।

मुख्य प्रलोभन यह था कि पौधे लगाने के आठ साल बाद प्रत्येक पेड़ के बदले किसानों को 40 हजार रुपए दिए जाएंगे। इन लुभावने वादों के झांसे में आकर किशनपुर, सातागांव, करोंद, आमला, धमालीपुरा, सुकेड़ी, मनोरा, जूनापानी बुजुर्ग और पटरानी सहित कई गांवों के किसानों ने अपने खेतों में पौधे लगवाए। कई किसानों ने 100 से लेकर 200 पौधे तक लगवाए थे।

एग्रीमेंट से मुकरे और मार्च 2026 में हुए फरार
किसानों ने जब पौधे लगाने के बाद कंपनी के साथ आधिकारिक एग्रीमेंट कराने का दबाव बनाया, तो आरोपी टालमटोल करने लगे। इसके बाद मार्च 2026 में दोनों आरोपी अचानक खातेगांव से फरार हो गए और उनके मोबाइल फोन भी लगातार बंद आ रहे हैं। ठगी का अहसास तब हुआ जब किसानों ने बाजार में पड़ताल की। उन्हें पता चला कि जिस पौधे के लिए उनसे 270 रुपए वसूले गए थे, वही पौधा स्थानीय नर्सरी में मात्र 10 रुपए में आसानी से मिल जाता है।
पुलिस जांच के घेरे में मामला
पीड़ित किसानों ने हरणगांव थाना प्रभारी से मांग की है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जाए, फरार आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो और किसानों से ऐंठी गई कुल राशि का पता लगाया जाए। पुलिस जांच के बाद ही कंपनी की वास्तविक भूमिका और ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।
