MP के 58 लाख स्कूली बच्चों को मिलेंगे 600 रुपये, सरकार ड्रेस के लिए DBT से भेजेगी नकद राशि
By Ashish Meena
सितम्बर 29, 2026
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8वीं तक के 58 लाख से अधिक विद्यार्थियों को इस बार गणवेश (ड्रेस) के स्थान पर नकद राशि दी जाएगी। शासन द्वारा प्रति विद्यार्थी ₹600 की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खातों में अंतरित की जाएगी। टेंडर प्रक्रिया समय पर पूरी न हो पाने के कारण सरकार को यह निर्णय लेना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है।
टेंडर विवाद और हाई कोर्ट की रोक बनी मुख्य वजह
जून 2026 में कैबिनेट ने विद्यार्थियों को दो-दो सेट ड्रेस सिलवाकर देने का निर्णय लिया था। इसके तहत मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम ने 3 जून को लगभग ₹350 करोड़ का टेंडर जारी किया था। हालांकि, यह मामला हाई कोर्ट में चला गया, जहां से अंतरिम रोक लगा दी गई।
स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, यदि निविदा प्रक्रिया पूरी कर ड्रेस तैयार कराने और वितरण का काम किया जाए तो इसमें काफी समय लग जाएगा। सत्र को ध्यान में रखते हुए सीधे खातों में राशि ट्रांसफर करने का विकल्प चुना गया है।
पहले भी बदलती रही है ड्रेस वितरण की व्यवस्था
प्रदेश में गणवेश वितरण की नीति बार-बार बदलती रही है:
2020: सिलाई का काम महिला स्वसहायता समूहों को सौंपा गया, लेकिन सत्र बीत जाने के बाद मार्च 2021 में सप्लाई हो सकी।
2022-24: 2022 की ड्रेस 2023 में मिली और कई बच्चों को 2024 का सत्र समाप्त होने तक भी गणवेश नहीं मिल पाई।
इसके बाद नकद राशि देने की व्यवस्था शुरू की गई थी, लेकिन यह तर्क देकर इसे पुनः बदला गया था कि अभिभावक राशि का उपयोग अन्य कार्यों में कर लेते हैं। अब टेंडर विवाद के चलते सरकार एक बार फिर नकद राशि देने के निर्णय पर लौट रही है।
कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों पर भी होगी चर्चा
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट को भेजा है। इसके अलावा बैठक में दमोह जिले के नए मार्गों के निर्माण तथा वर्ष 2031 तक निरंतर चलने वाली विभिन्न शासकीय योजनाओं को वित्तीय स्वीकृति देने के प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा।
