13 साल की दुष्कर्म पीड़िता का होगा गर्भपात: 28 सप्ताह की गर्भवती, कोर्ट ने कहा- भविष्य को नजरअंदाज नहीं कर सकते

By Ashish Meena
सितम्बर 30, 2026

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने 13 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता के 28 सप्ताह 2 दिन के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति दी है।

जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के की एकलपीठ ने विदिशा के अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में प्रक्रिया कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, 30 सितंबर को दोपहर 2 बजे गर्भपात की प्रक्रिया होगी।

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर विचार किया। अदालत ने नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के भविष्य को नजरअंदाज नहीं किए जाने की बात कहते हुए चिकित्सकीय राय के आधार पर गर्भसमापन की अनुमति दी।

24 सप्ताह की सीमा पार होने पर हाईकोर्ट पहुंचा मामला

बाल कल्याण समिति (CWC) विदिशा की रिपोर्ट के मुताबिक, 13 वर्ष 2 महीने की नाबालिग के साथ 2026 की शुरुआत में दुष्कर्म हुआ था।घटना के बाद वह गर्भवती हो गई, लेकिन गर्भ का पता चलने में समय लग गया। जांच में गर्भ की अवधि 28 सप्ताह 2 दिन पाई गई। 24 सप्ताह की वैधानिक सीमा से अधिक होने के कारण गर्भसमापन की अनुमति के लिए मामला हाईकोर्ट पहुंचा।

मेडिकल बोर्ड ने बताया फिट

हाईकोर्ट के निर्देश पर 28 सितंबर को मेडिकल बोर्ड गठित कर नाबालिग की जांच कराई गई। बोर्ड की रिपोर्ट में बताया गया कि पीड़िता मध्यम स्तर के आयरन-डेफिशिएंसी एनीमिया से पीड़ित है, लेकिन गर्भसमापन की प्रक्रिया के लिए चिकित्सकीय रूप से फिट है।

जांच के लिए डीएनए सैंपल सुरक्षित रखने के निर्देश

कोर्ट ने चिकित्सकीय प्रक्रिया के दौरान प्राप्त होने वाले डीएनए सैंपल और अन्य संबंधित सामग्री को कानून के अनुसार सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर इन्हें जांच और ट्रायल में इस्तेमाल किया जा सके। पीड़िता की पहचान और गोपनीयता बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। एसपी विदिशा और संबंधित थाना प्रभारी को उसकी सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने को कहा गया है।

हाईकोर्ट ने DNA सैंपल सुरक्षित रखने को कहा

कोर्ट ने चिकित्सकीय प्रक्रिया के दौरान प्राप्त होने वाले DNA सैंपल और अन्य संबंधित सामग्री को कानून के अनुसार सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर इन्हें जांच और ट्रायल में इस्तेमाल किया जा सकेगा। हाईकोर्ट ने पीड़िता की पहचान और गोपनीयता बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं। एसपी विदिशा और संबंधित थाना प्रभारी को उसकी सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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