खातेगांव तहसील में दर्दनाक हादसा, रेलवे के गड्ढे में गिरने से किसान की मौत, निर्माण कंपनी की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल
By Ashish Meena
अक्टूबर 8, 2026
मालवा जंक्शन, खातेगांव।
देवास जिले की खातेगांव विधानसभा के अंतर्गत आने वाले सोमगांव और चंदवाना के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। रेलवे निर्माण कार्य के लिए खोदे गए असुरक्षित गड्ढे में गिरने से एक 47 वर्षीय व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और निर्माण कंपनी की घोर लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम लिली निवासी मोहन पिता जगदीश बड़ियार बुधवार रात करीब आठ बजे खातेगांव से अपने घर लौट रहे थे। वह जब सोमगांव-चंदवाना मार्ग से गुजर रहे थे, तभी वहां रेलवे ट्रैक या अन्य निर्माण कार्य के लिए खोदे गए एक गहरे गड्ढे में जा गिरे। अंधेरा होने और सड़क पर सुरक्षा के कोई साधन न होने के कारण उन्हें गड्ढे का अंदाजा नहीं लगा।
हाथों-हाथ वहां काम कर रहे निर्माण कार्य के मजदूरों की नजर जब गड्ढे में गिरे शख्स पर पड़ी, तो उन्होंने आनन-फानन में मोहन को बाहर निकाला। हालांकि, सिर में गंभीर चोट लगने और अत्यधिक खून बह जाने के कारण उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो चुकी थी।
परिजनों का आरोप- नहीं थी बैरिकेडिंग
हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल का एक वीडियो भी सामने आया है, जो निर्माण एजेंसी की पोल खोल रहा है। मृतक के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि रेलवे कार्य के लिए खोदे गए इस खतरनाक गड्ढे के आसपास कोई बैरिकेडिंग नहीं की गई थी। इसके अलावा रात के वक्त वहां चेतावनी देने के लिए कोई रिफ्लेक्टर या संकेतक लाइट भी नहीं लगाई गई थी। परिजनों का कहना है कि अगर निर्माण कंपनी ने नियमों के तहत सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए होते, तो एक हंसता-खेलता परिवार इस तरह नहीं उजड़ता और यह हादसा आसानी से टल सकता था।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया। गुरुवार सुबह खातेगांव के शासकीय अस्पताल में मृतक मोहन बड़ियार के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार के लिए शव को नेमावर ले जाया गया। इस दुखद हादसे के बाद से क्षेत्र के लोगों में रेलवे निर्माण कार्यों में बरती जा रही सुरक्षा लापरवाही के खिलाफ रोष व्याप्त है और जिम्मेदार एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
