प्रसाद बनाने के लिए JCB का उपयोग, 13 ट्रैक्टर-ट्रालियां लगाई गई, 3 हजार किलो घी से बन रहा 551 क्विंटल का चूरमा

By Ashish Meena
जनवरी 31, 2025

Kotputli : राजस्थान के कोटपुतली में एक अनूठे अंदाज से भगवान भैरवनाथ के भोग के लिए महाप्रसादी तैयार की जा रही है। इसकी तैयारी को सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे। इस दौरान भोग के लिए 551 क्विंटल का चूरमा तैयार किया जा रहा है, जिसमें 3 हजार किलो घी काम में लिया गया है।

यहीं नहीं इस चूरमे को तैयार करने के लिए जेसीबी मशीन, थेसर और ट्रैक्टर ट्रॉली का उपयोग हो रहा है। इस प्रसादी को तैयार करने के लिए 5 सौ लोग जुटे हुए है। इसके अलावा 23 जनवरी से खेत में 200 मीटर लम्बा जगरा लगाकर प्रतिदिन बाटियां सेकीं जा रही है।

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3 हजार किलो घी से बन रही है चूरमे की महाप्रसादी
हैरान कर देने वाला यह मामला कोटपूतली के कुहाड़ा गांव का है, जहां 30 जनवरी को छापाला भैरव नाथ मंदिर में लक्खी मेला शुरू होगा। इस दौरान भैरव बाबा के 551 क्विंटल के चूरमे का भोग तैयार किया जा रहा है। इसमें 3 हजार किलो से अधिक घी काम में लिया गया है। महाप्रसादी बनाने के लिए इसमें सैकड़ो लोग जुटे हुए हैं। मेले के लिए 50 बीघा से अधिक एरिया में पंडाल भी बनाया गया है।

23 जनवरी से बाटी सेकनें का काम जारी
भैरव बाबा की 30 जनवरी को लगने वाली महाप्रसादी के भोग के लिए तैयारी जोरो शोरों है। इस दौरान चूरमे के साथ बाटियां भी बनाई गई है, जिन्हें 23 जनवरी से सेकनें का काम किया जा रहा है। इस दौरान 200 मीटर लंबा बाटी सेकने का जगरा तैयार किया गया है, जहां प्रतिदिन बाटियां तैयार की जा रही है। इस महाप्रसादी के काम में गांव के हर घर से एक सदस्य अपनी सेवा दे रहा है। इस काम में करीब 500 ग्रामीण जुटे हुए हैं।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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