खातेगांव: PM आवास योजना में गड़बड़ी! 171 में से 119 फॉर्म रिजेक्ट, ग्रामीण बोले- 7 दिन में जांच करें, नहीं तो भूख हड़ताल करेंगे
By Ashish Meena
जुलाई 24, 2026
मालवा जंक्शन, खातेगांव।
देवास जिले की खातेगांव तहसील के पाड़ियादेह ग्राम पंचायत के गांव वालों ने गुरुवार को प्रधानमंत्री आवास योजना में हुई गड़बड़ी को लेकर जनपद पंचायत दफ्तर पर प्रदर्शन किया। उन्होंने जनपद पंचायत सीईओ अश्विनी सिंह राठौड़ को ज्ञापन सौंपकर अपात्रों को फायदा देने और सही हकदारों को बाहर करने के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
गांव वालों का आरोप है कि ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव ने आपस में मिलकर पैसे वाले और अपात्र लोगों को योजना का लाभ दिला दिया। दूसरी तरफ, सालों से कच्चे मकानों में रह रहे असल जरूरतमंद परिवारों के फॉर्म खारिज कर दिए गए। ज्ञापन में कहा गया है कि जिन्हें मकान मिले हैं, उनमें से कुछ लोगों के पास अपनी खेती की जमीन और चार पहिया गाड़ियां तक हैं।
171 में से 119 आवेदन रद्द, एससी-एसटी वर्ग भी प्रभावित
ग्रामीणों के मुताबिक, प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पंचायत में कुल 171 आवेदन आए थे, जिनमें से 119 निरस्त कर दिए गए। खारिज हुए आवेदनों में 54 आवेदन अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के हैं। गांव वालों का कहना है कि हकदार होने के बावजूद इन लोगों को जानबूझकर अपात्र ठहराया गया।
7 दिन में जांच न होने पर अनशन की चेतावनी
गांव वालों ने मांग की है कि पूरे मामले की सही से जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों के नाम मंजूर हुए हैं, जब तक जांच पूरी न हो, उनकी किश्त रोक दी जाए। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर सात दिनों के अंदर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे भूख हड़ताल पर बैठेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
सीईओ ने दोबारा जांच और सत्यापन का दिया भरोसा
जनपद पंचायत सीईओ अश्विनी सिंह राठौड़ ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना की लिस्ट जनवरी में हुए सर्वे के हिसाब से तैयार हुई थी। उन्होंने माना कि पोर्टल के स्तर पर कुछ तकनीकी दिक्कतें भी आई हैं। सीईओ ने भरोसा दिलाया कि शिकायत आने के बाद पूरे मामले की फिर से जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन यह पक्का करेगा कि असली हकदारों को ही योजना का फायदा मिले और कोई भी जरूरतमंद छूटे नहीं।
