खातेगांव: दलित युवक की मौत पर बवाल, तनाव की स्थिति के बीच 7 लोगों पर केस दर्ज

By Ashish Meena
मई 22, 2026

देवास जिले की खातेगांव तहसील के ग्राम दावठा में एक दलित युवक अर्जुन मेहंदिया की मौत के बाद तनाव की स्थिति बन गई है। परिजनों और समाजजनों ने गांव के कुछ लोगों पर जमीन विवाद को लेकर मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और दबाव बनाने का आरोप लगाया है। साथ ही मृतक के शव को थाने के सामने रखकर प्रदर्शन भी किया। पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम दावठा निवासी अर्जुन मेहंदिया को 20 मई को गंभीर हालत में उपचार के लिए इंदौर ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। अपनी मौत से पहले, अर्जुन ने लगभग 4 मिनट 14 सेकंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने मृतक की पत्नी चिंता बाई के बयान को जांच का मुख्य आधार बनाया है।

अर्जुन की पत्नी चिंता बाई ने पुलिस को बताया कि 19 मई को तिरपट्टी चौराहा, खातेगांव से कुछ लोग अर्जुन को जबरन तहसील ले गए थे। आरोप है कि वहां उसके साथ मारपीट कर दबाव बनाया गया और बाड़े की लिखापढ़ी अपने नाम करवा ली गई। चिंता बाई ने यह भी आरोप लगाया कि गांव के पलकराम विश्नोई और उनके बेटों आनंद व अमर विश्नोई ने लगभग 6 महीने पहले भी इसी जमीन की जबरन लिखापढ़ी करवाई थी।

इनके नाम आए सामने

परिजनों के अनुसार, आरोपी लंबे समय से अर्जुन पर गांव छोड़ने और जमीन का कब्जा छोड़ने का दबाव बना रहे थे। राजेश उर्फ राजू विश्नोई, इंदरपाल जाणी, सुरजमल विश्नोई, अरविंद विश्नोई, पलकराम विश्नोई, अमर विश्नोई और आनंद विश्नोई पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हैं।

आरोप है कि लगातार दबाव और प्रताड़ना से परेशान होकर अर्जुन ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। हालत बिगड़ने पर उसे पहले खातेगांव अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर किया गया। हालांकि, इंदौर ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएसएस) की धारा 194 के तहत मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाने के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया गया।

प्रारम्भिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(2), 108, 115(2), 3(5) तथा एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) और 3(2)(v-a) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

घटना के बाद गुरुवार सुबह से ही खातेगांव शासकीय अस्पताल और पुलिस थाने में पीड़ित परिवार के रिश्तेदारों एवं समाजजनों का जमावड़ा लगा रहा। परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके मकानों पर कार्रवाई की मांग को लेकर पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं हुए।

बाद में पुलिस अधिकारियों द्वारा सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाने और आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश देने की जानकारी देने के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों को लगाया गया है।

आगे ये भी पढ़ें :
Ashish Meena

Ashish Meena

ashish-meena

आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

»